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एक्सक्लूसिव!क्या भ्रष्टाचार के आरोपों पर जाँच से बचने के लिए BJP में शामिल हुए अनिल शर्मा

प्रजासत्ता न्यूज़|
विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है वीरभद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे अनिल शर्मा बीजेपी में शामिल हुए हैं। जिस पर सफाई देते हुए अनिल शर्मा ने जमकर भड़ास निकालते हुए कहा कि मंडी में हुई राहुल गांधी की रैली में मेरे परिवार का अपमान किया गया। पंडित सुखराम को रैली में आने से रोका गया। मेरे पिता को आया राम गया राम कहा गया, जिसकी वजह से मुझे कांग्रेस में घुटन महसूस हो रही थी। इसी वजह से मुझे कांग्रेस छोडऩे पर मजबूर होना पड़ा है। वे यहीं नहीं रुके और कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मेरे काम नहीं होने दिए। सिर्फ अपने चहेतों के काम करवाए।
वहीँ अब भाजपा में शामिल होने पर अनिल शर्मा पर काफी सवाल उठ रहे हैं ये वहीँ मंत्री है जिन पर भाजपा ने मार्च 2017 में भ्रष्टाचार के अनेक आरोप लगाये थे|

सदर मंडल भाजपा ने अध्यक्ष पूर्व प्रत्याशी दुर्गा दत्त ठाकुर की अगुवाई में दीपक गुलेरिया, कमल राणा, शिव कुमार, अरुण कुमार, लेख राज, नेक राम व निखिल वालिया सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को एस.डी.एम. सदर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा था। जिसमे मंत्री अनिल शर्मा के पास आय से अधिक संपत्ति तथा विधानसभा चुनाव के दौरान संपत्ति के हल्फनामे में मंडी होटल जो पिछले 5 साल बंद रहा तथा 1970 में लगाए गए सेब के बगीचे, जिसमें सेब के पेड़ सुख चुके हैं। उनसे करोड़ों की आमदनी कैसे दर्शाई गई, साथ ही 36 बीघा भूमि मंजूर होने के बावजूद 70 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। इसके अलावा राजमहल जमीन बेनामी सौदे में बैंक खाते से करोड़ों रुपए संजय कुमार के खाते में ट्रांसफर हुए, जिसमें पूरे सौदे का सूत्रधार संजय था।

मंडी शहर में नगर परिषद ने तीन मंजिला निर्माण की मंजूरी दी थी, जबकि होटल की छह मंजिलें बना दीं इसकी विजिलेंस जांच कर रही है। अब जांच से बचने के लिए होटल का नाम बदल दिया गया है। उन्होंने कहा था पशुपालन विभाग में वर्ष 2014 से 2015 के लिए दवाएं खरीदने के लिए जिन 30 कंपनियों के साथ करार किया गया है उन्हें 15 कंपनियां सरकार व पशुपालन विभाग ने ब्लैक लिस्ट कर रखी हैं। हाल ही में हुई भर्तियों में योग्यता को दरकिनार कर चहेतों को नौकरियां बांटी गई हैं। बस स्टैंड कोटली का काम लगभग 20 साल से चल रहा है। सांसद निधि से बस स्टैंड के लिए 26 लाख रुपये दिए जा चुके हैं, जिनका स्थानीय विधायक द्वारा दुरुपयोग किया गया।

सदर क्षेत्र में सताहन से रोड़ा नालावाटर सप्लाई स्कीम 2008 में पाइपें डाली गई हैं। अनुमान खर्च तीन करोड़ 95 लाख रुपये है, लेकिन अब तक योजना का काम पूरा नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सदोह से बदोहा जिसकी विभाग द्वारा 1998 में स्वीकृति प्रदान की गई है लेकिन राजनीतिक द्वेष के चलते सड़क कार्य नहीं हो रहा है। कैहनवाल सड़क में हाल ही में टायरिंग हुई है वह तीन दिन में ही उखड़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाडी में अनिल शर्मा के बन रहे निजी मकान के डंगे में भी सरकारी पैसा लगाया जा रहा है। व्यक्तिगत घर के लिए बिना अनुमति के सरकारी जमीन से सड़क से अप्रोच मार्ग बनाया गया है।

भाजपा द्वारा इन सभी मामलों की राज्यपाल से निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की गयी थी| लेकिन अब वही भाजपा चुनाव में फायदा लेने के लिए उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर रही है| अगर वे भ्रष्टाचारी थे तो जो भाजपा सरकार उनका विरोध कर रही थी आज वो उनके साथ क्यों हो गए या अगर वो भ्रष्टाचारी थे तो भाजपा ने उन्हें अपनी पार्टी में स्थान क्यों दिया| वैसे तो भाजपा अपनी पार्टी की बहुत बड़ाई करती है की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत सरकार है और भ्रष्टाचार पर आवाज उठाती रही है लेकिन क्या अनिल शर्मा के मामले में भाजपा को सांप सुघ गया है|

अब भाजपा को या तो अनिल शर्मा पर अपने लगाये आरोपों पर माफ़ी मांगनी चाहिए या ये उन्हें साबित करना चाहिए कि अनिल शर्मा पर लगाये आरोप सही थे| जनता को गुमराह करने के लिए नेताओं द्वारा चुने हुए नेताओं पर आरोप लगा कर भोली भाली जनता को गुमराह किया जाता रहा है| लेकिन इसका फैंसला आप सभी पाठकों को करना है आखिर इसके पीछे कि सचाई क्या है| क्या अनिल शर्मा अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से बचने और भाजपा को चुनाव में राजनितिक फायदा देने के ले भाजपा में शामिल हुए| इस बात से बहुत से सवाल खड़े हो रहे हैं लेकिन जनता को इसका जबाब जरुर मनगा चाहिए और जो भी दोषी हो या झूठा हो उसका चुनावों में बहिष्कार कर सबक सिखाना चाहिए|

फैंसला आप सभी पाठकों पर है सचाई जानने का हक़ भी आप सभी का ही है|

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