चमत्कारी मन्दिर : फर्श पर सोने से गर्भवती हो जाती है महिलाएं |

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भारत में मान्यताओं के हिसाब से चलने वालों की कमी नहीं है। ‘चमत्कार को नमस्कार’ वाली ऐसी ही एक मान्यता हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले के एक मन्दिर से जुड़ी है। इसके मुताबिक यहां फर्श पर सोने से महिलाएं प्रेग्नेंट हो जाती हैं।शादी के बाद अगर किसी जोड़े को बच्चे का सुख ना मिले तो उससे बड़ा दुखी शख्स दुनियां में कोई नहीं हो सकता। मगर आपको बतादें की भारत के एक मंदिर में एक ऐसा चमत्कार होता है जिससे बिना संतान के लोग संतान वाले बन जाते हैं।43-4

चमत्कार के कई अजब किस्से तो आपने सुने होंगे, पर क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि किसी मंदिर के फर्श में सोने से महिलाएं गर्भ धारण कर लेती है। जी हां ये बात सच हैं। हिमाचल में पहाडियों के बीच बसे एक सिमस नाम के गांव में एक ऐसा मंदिर हैं जहां निःसंतान महिलाए अपनी सुनी गोद को भरने के लिए इस मंदिर के द्वार पर आती हैं। यहां आने वाली महिलाएं दिन रात यहां रह कर मंदिर के फर्श पर सोई हुई रहती हैं।

जिससे यह माना जाता है की वह गर्भ धारण कर लेती है। बतादें की यहाँ की यह मान्यता है की जिस भी औरत को बच्चा नहीं होता वह केवल इस मंदिर के फर्श पर सोने से गर्भ धारण कर लेती है। इस मंदिर को दुनियां भर में संतानदात्री के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में नवरात्र का समय सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस समय को मंदिर में सलिन्दरा उत्सव कहा जाता है, जिसका मतलब होता है सपने आना। यही वह खास समय होता है जब निःसंतान महिलाए अपनी सुनी गोद को भरने के लिए इस मंदिर के द्वार पर आती हैं।

सिमस गाँव में है ये चमत्कारी मन्दिर

यह मन्दिर हिमाचल में पहाडियों के बिच बसे एक सिमस नाम के गांव में है, जहां दूर दूर से लोग अपनी खली झोली को भरकर लेजाने के लिए आते हैं। बतादें की यहाँ की यह मान्यता है की जिस भी औरत को बच्चा नहीं होता वह केवल इस मंदिर के फर्श पर सोने से गर्भ धारण कर लेती है। चलिए आपको बतातें हैं इस अनोखे मंदिर की कुछ खास बातों के बारे में।

हिमाचल के सिमस में इस्थित इस मंदिर को दुनियां भर में संतानदात्री के नाम से जाना जाता है। बतादें की इस मंदिर में नवरात्र का समय सबसे ज्यादा महत्वपूण होता है। इस समय को मंदिर में सलिन्दरा उत्सव कहा जाता है, जिसका मतलब होता है सपने आना। यही वह खास समय होता है जब निःसंतान महिलाए अपनी सुनी गोद को भरने के लिए इस मंदिर के द्वार पर आती हैं। यहां आने वाली महिलाएं दिन रात यहां रह कर मंदिर के फर्श पर सोई हुई रहती हैं। जिससे यह माना जाता है की वह गर्भ धारण कर लेती है।

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