सरकारी क्षेत्र में नौकरियों के ऐलान मात्र चुनावी घोषणाएं :- प्रेम कुमार धूमल

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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश सरकार पर प्रहार करे हुए कहा कि सरकारी क्षेत्र में नौकरियों के ऐलान को मात्र चुनावी घोषणाएं है। कांग्रेस सरकार इस तरह की घोषणाएं आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर युवाओं को गुमराह करने के उद्देश्य से कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए बेरोजगारी भत्ते के वायदे की तरह यह भी केवल झूठा वादा ही साबित होगा।

प्रो.धूमल ने कहा कि अगर वीरभद्र सरकार रोजगार देने के प्रति गंभीर होती, तो सरकार इसके लिए पहले से बजट का प्रावधान करती और फिर इस तरह की घोषणाएं करती। धूमल का कहना है कि सरकार के बेतहाशा और बेतरतीब खर्चों की वजह से प्रदेश के ऊपर ऋणों बोझ बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण प्रदेश सरकार आर्थिक कंगाली की ओर इस कद्र बढ़ती के उनके पास कर्मचारियों और पेंशनरों को समय पर वेतन, पेंशन और भत्ते देने के लिए भी पैसे नहीं है।

प्रो. धूमल ने कहा कि सरकार संस्थान खोलने की घोषणाएं तो लोकलुभावन कि राजनीति के लिए कर रही है, पर आर्थिक संसाधनों में वृद्धि न हो पाने की वजह से वहां पढ़ाई की सुविधाएं नहीं है।

प्रो. धूमल ने कहा कि मोजुदा सरकार ने युवाओं के विश्वास को तोड़ा है। चार वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रदेश के एक भी युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने में सरकार नाकाम रही हैं। जबकि बेरोजगारी भत्ते के वायदों को लेकर उन्होंने अपनी सरकार बनाई है। तृतीय श्रेणी व श्रेणी चार की भर्तियों में साक्षात्कार खत्म करने के केंद्र सरकार के निर्णय को प्रदेश में लागू न करके प्रदेश सरकार ने साबित कर दिया है कि वह भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद की पक्षधर है और युवा विरोधी हैं।

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