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पैरों तले स्टूल खिसका और अरमान फंदे पे

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कभी-कभी अरमान लटके रह जाते हैं फंदे पे और ज़िन्दगी का स्टूल खिसक जाता है। वर्षों का गुमान एक झटके में जब टूटता है...

पर वो मेरी दोस्त कभी थी नहीं

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कभी -कभी अनजाने में लोग फेसबुक पर भी मिल जाते हैं अब कुछ लाइक और शेयर पिछले साल की यादों में फेसबुक मैमोरी में...
अक्सर जवानों की शहादत के समय किये वादे क्यों भूल जाती है सरकार और नेता ?

अक्सर जवानों की शहादत के समय किये वादे क्यों भूल जाती...

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प्रजासत्ता | बहुत दुःख होता है जब भी ऐसा कोई किस्सा सामने आता है कि हमारे देश की सरकारें और नेता देश के लिए शहीद...
Why-do-political-parties-not-reveal-the-donations-they-have-received

आख़िर खुद को मिले चंदे को उजागर क्यों नहीं करते राजनीतिक...

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प्रजासत्ता | राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे को लेकर पहले प्रस्तुत किए बजट में नियम बदले गए थे| चुनावी राजनीति से काले धन को...
बड़े न होते तो सारे फसाद खड़े न होते!

अंतिम लेख : जब प्रथमिकता नहीं होती तो नज़रअंदाज़ होना लाजमी

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अंतिम लेख : जब प्रथमिकता नहीं होती तो नज़रअंदाज़ होना लाजमी है, फिर भी ज़िन्दगी खूबसूरत है। ज़िन्दगी बहुत खूबसूरत है कभी इतने मत...