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शीतल शर्मा की कलम से "मेरी बात सुनो"

शीतल शर्मा की कलम से “मेरी बात सुनो”

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सुनो तो, रोती तुम हो भीग हम जाते हैं! टपक- टपक जब वह गिरते हैं ,तो मेरे सीने में आग लगा जाते हैं!! बच्चों...
मोबाइल और ज़िन्दगी एक जैसी ही होती है

मोबाइल और ज़िन्दगी एक जैसी ही होती है

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तृप्ता भाटिया| अमेज़न/फ्लिपकार्ट पर मोबाइल के मॉडल देखते हुए लगता, ये सही है, ये ले लें तो मौज आए। बिल्कुल ऐसे ही सोशल मीडिया पर...