पेड न्यूज, फेक न्यूज, भ्रामक, भड़काऊ एवं नफरत फैलाने वाले विज्ञापनों पर रहेगी नजर

सुभाष कुमार गौतम/घुमारवीं
आर्दश आचार सहिंता के दौरान प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन देने से पहले एमसीएमसी से पूर्व प्रमाणीकरण लेना होगा अनिवार्य- पंकज राय
सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखने के लिए स्थापित किया गया है सोशल मीडिया सेल,

बिलासपुर जिला में आर्दश आचार सहिंता के दौरान प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन देने से पहले सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों, पार्टी संगठन या संगठन से जुडे व्यक्तियो को मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी से पूर्व प्रमाणीकरण लेना अनिवार्य होगा। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी पंकज राय ने आज मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने बताया कि उम्मीदवार द्वारा प्रसारित किए जाने वाले विज्ञापन की कुल लागत, जिसमें विज्ञापन तैयार करने विज्ञापन प्रसारित करने की लागत शामिल है, के सही आंकड़े एनेक्सचर में मुहैया करवाए जाएंगे। उम्मीदवार द्वारा विज्ञापन संबंधी चैनल, रेडियो या संबंधित सोशल मीडिया को अदायगी की जाएगी। इस संबंधी सभी नियम शर्तें पूरी करने पर उम्मीदवार को मीडिया सर्टिफिकेशन कमेटी द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। मीडिया के किसी भी साधन में संबंधित उम्मीदवार का विज्ञापन आने पर एमसीएमसी इसकी जांच करेगी कि क्या उम्मीदवार ने विज्ञापन की पहले मंजूरी ली हुई है या नहीं। इन विज्ञापनों का खर्च उम्मीदवार के खर्चे में जोड़ा जाएगा। मंजूरी लिए बिना विज्ञापन प्रसारित या प्रकाशित किए जाने की सूरत में संबंधित हलके के रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उम्मीदवार को नोटिस जारी किया जाएगा। चुनाव आचार संहिता या चुनाव संबंधी कानून की उल्लंघना वाला विज्ञापन होने पर तुरंत रिटर्निंग अधिकारी को अवगत करवाया जाए। प्रिंट मीडिया में संदिग्ध पेड न्यूज़ पाए जाने पर रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उम्मीदवार को नोटिस जारी किया जाएगा, जिसका उम्मीदवार को 48 घंटे के भीतर जवाब देना जरूरी होगा।उन्होंने बैठक के दौरान पूर्व प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए जिला स्तर पर गठित एमसीएमसी के सदस्यों को सतर्क और सक्रिय रहेने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रमाणीकरण के लिए पंजीकृत राजनीतिक पार्टी को विज्ञापन के प्रसारण से 3 दिन पूर्व जबकि अब पंजीकृत राजनीतिक दलों को विज्ञापन के प्रसारण से 7 दिन पूर्व प्रस्तावित करना होगा।
उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर में आचार सहिंता के दौरान सोशल मीडिया पर पेड न्युज, फेक न्यूज, अपमानजनक, भ्रामक, भड़काऊ एवं नफरत फैलाने वाले विज्ञापन के मामलों पर नजर रखने के लिए एमसीएमसी के अंर्तगत सोशल मीडिया सेल स्थापित किया गया है जिसके सयोजक एचएएस प्रोबेशनर पूजा अधिकारी को बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर में सभी राजनीतिक दलों मीडिया के साथ अलग से बैठक कर मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेंटी से पूर्व प्रमाणीकरण और अन्य सभी जानकारियां उपलब्ध करवाई गई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलो से अपील करते हुए कहा कि वह एमसीएमसी द्वारा विज्ञापनों की सामग्री को प्रमाणित किये जाने के बाद ही प्रकाशित करें और चुनाव आयोग द्वारा जारी सभी दिशा निर्देशो का पालन सुनिश्चित करे ताकि जिला में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं प्रलोबन मुक्त चुनाव करवाया जा सके।

पेड न्यूज, फेक न्यूज, भ्रामक, भड़काऊ एवं नफरत फैलाने वाले विज्ञापनों पर रहेगी नजर
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