शर्मसार: अनुसूचित जाति के व्यक्ति के शव को सवर्णों ने श्मशानघाट में अंतिम संस्कार से रोका

बिलासपुर के दधोल में सवर्णों ने श्मशानघाट में नहीं करने दिया अंतिम संस्कार, भराड़ी थाने में शिकायत

प्रजासत्ता|
प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से अकसर जातीय भेदभाव की खबरें सामने आती रहती हैं। अब बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल के तहत पंचायत दधोल के जसवाणी गांव से शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जहाँ एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति के शव का सवर्णों ने श्मशानघाट में अंतिम संस्कार रोक दिया।

मिली जानकारी मुताबिक सवर्णों का कहना था कि पंचायत के पैसे से बना यह श्मशानघाट केवल उनके लिए ही है। दोनों पक्षों में काफी देर तक बहस भी हुई। बाद में लोगों को शव का अंतिम संस्कार खुले में ही करना पड़ा। परिवार के लोगों ने रविवार देर शाम भराड़ी थाने शिकायत दी। इस आधार पर एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दधोल पंचायत के जसवाणी गांव के निवासी अनुसूचित जाति से संबंधित सुंदर राम के निधन के बाद शव के अंतिम संस्कार को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ। जिसके बाद वन विभाग में तैनात सुंदर राम के बेटे रत्न लाल ने भराड़ी पुलिस थाना में शिकायत दी है। इनमें चुन्नी लाल व नरेंद्र समेत तीन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। खबर लिखे जाने तक इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले की जांच अब डीएसपी के रैैंक का अधिकारी करेगा। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है|