जानिए! क्या हैं हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के मुद्दे?

जानिए! क्या हैं हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के मुद्दे?

प्रजासत्ता ब्यूरो |
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को विधानसभा चुनाव के लिए तारीख की घोषणा की। प्रदेश में 12 नवंबर को मतदान होगा जबकि 8 दिसंबर को वोटों की गिनती जाएगी। हिमाचल प्रदेश का चुनाव बदलाव का चुनाव माना जाता है।

अगर हिमाचल प्रदेश के चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो तो राज्य 1985 के बाद से कोई भी पार्टी लगातार दो बार सत्ता में वापसी नहीं कर पाई है। 1985 में राज्य में लगातार दो बार बीजेपी सस्ता में आई, लेकिन उसके बाद से राज्य में अब तक किसी भी सत्ताधारी पार्टी की वापसी नहीं हुई है। हालांकि इस बार भी बीजेपी हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में दोबारा सत्ता में वापसी के लिए पुरजोर मशक्कत में जुटी है।

बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 44, कांग्रेस ने 21 और अन्य ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी। कोई दोराय नहीं है कि इस बार मुकाबला कांटे का होगा। भाजपा अपने मौजूदा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगी। हालांकि, बड़ा चेहरा पीएम मोदी का ही होगा। जयराम ठाकुर के अलावा केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंबेल सिंह कश्यप भी आगे हैं।

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वहीं, कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह की अगुआई में चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। पिछले साल जुलाई में ही वीरभद्र सिंह का निधन हो गया था। इसके बाद कांग्रेस ने उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बना दिया था।

वीरभद्र छह बार हिमाचल के मुख्यमंत्री थे। वीरभद्र के परिवार का आज भी हिमाचल में काफी दबदबा है। यही कारण है कि कांग्रेस ने इस बार प्रतिभा सिंह को कमान सौंप दी है। वहीं, राष्ट्रीय स्तर से प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को चेहरा बनाया गया है। आम आदमी पार्टी ने भी पूरी ताकत लगा दी है। प्रदेश अध्यक्ष सुरतीज ठाकुर की अगुआई में आम आदमी पार्टी यहां चुनाव लड़ रही है। हालांकि, यहां भी बड़ा चेहरा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का ही होगा।

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वेसे तो मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों के बीच बताया जा रहा है। लेकिन आम आदमी पार्टी के आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। हालांकि प्रदेश के कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर इस बार का चुनाव लड़ा जाएगा। आइए जानते हैं ये मुद्दे कौन-कौनसे हैं।

कुछ मुद्दे हैं, जिसे लगातार विपक्षी दल उठा रहे हैं। पहला मुद्दा किसानों का है। विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए जोरशोर से ये मुद्दा उठाया है। इसके अलावा महंगाई, बेरोजगारी का मुद्दा भी दोनों राज्यों में विपक्ष उठा रहा है। लोगों ने बेरोजगारी को ह‍िमाचल चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बताया है। वहीं बिजली, पानी, सड़क के अलावा भ्रष्टाचार भी बड़े मुद्दे हैं। वाही कर्मचारियों की तरफ से ओल्ड पेंशन का मुद्दा भी प्राथमिकता में है।

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वहीं, दूसरी ओर भाजपा ने विकास के साथ राष्ट्र सुरक्षा, आम लोगों की सहूलियत, गरीबों-किसानों को मजबूत बनाने के मुद्दे पर चुनावी मैदान पर उतरने का फैसला लिया है। भाजपा हर जगह अपने विकास कार्यों की गिनती करा रही है। एम्स, आईआईटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को बनाने की बात कह रही है। हाईवे, पुल, अंडर ब्रिज, टनल, मेट्रो जैसे अन्य कार्यों को बताकर लोगों से भाजपा के पक्ष में वोट करने की अपील की जा रही है। पिछले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई योजनाओं को उद्धाघाटन और शिलान्यास भी किया है। वहीँ आम आदमी पार्टी दिल्ली और और पंजाब मॉडल मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, बिजली जली रोजगार जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है

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