लूहरी प्रोजेक्ट के चरण 1 को केंद्र ने दी मंजूरी,लगभग 2000 को मिलेगी नौकरी

रामपुर में लुहरी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (Luhri Hydro Power Project) स्टेज-1 में निवेश को मंजूरी
मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है| इनेबलिंग इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के लिए भारत सरकार से 66.19 करोड़ रुपए की बजटीय सहायता भी शामिल है, जिससे विद्युत टैरिफ को कम करने में सहायता मिली है|

प्रजासत्ता|
केंद्रीय कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में रामपुर में लुहरी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट स्टेज-1 में निवेश को मंजूरी दी है| पीएम नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने इस जलविद्युत परियोजना के लिए 1810.56 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है|

प्रोजेक्ट से करीब दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। 62 माह के भीतर इसका निर्माण पूरा होगा। प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों को दस साल तक प्रतिमाह सौ यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी। हिमाचल को 40 वर्षों तक लगभग 1050 करोड़ रुपये की निशुल्क बिजली मिलेगी। परियोजना से सालाना 758 मिलियन यूनिट बिजली तैयार होगी।

एसजेवीएन के सीएमडी नंद लाल शर्मा ने बताया कि 210 मेगावाट की लूहरी चरण- परि‍योजना को बिल्‍ड-ओन-ऑपरेट-मेंटेन (बूम) आधार पर हिमाचल शिमला और कुल्‍लू जिलों में एनएच-5 के साथ नीरथ गांव के समीप सतलुज नदी पर बनाया जा रहा है| स्टेज-। परियोजना 3.40 घंटे के लिए पीकिंग जलाशय के साथ एक रन-ऑफ-द-रिवर योजना है| इसके लिए 80 मी.ऊंचा, 225 मी. लंबा तथा 8 मी. चौड़ा, एक कंक्रीट ग्रेविटी बांध बनाया जाएगा, जिससे लगभग 6 किलोमीटर के जलाशय का निर्माण होगा|

बांध निर्माण को सक्षम करने के लिए, नदी के प्रवाह को 10 मी. के व्‍यास एवं 567 मी. लंबी हार्स-शू आकार की डायवर्जन टनल के माध्‍यम से मोड़ा जाएगा| नंद लाल शर्मा ने बताया कि 644 क्‍यूमेक्‍स के डिस्‍चार्ज का उपयोग चार इनटेकों के माध्‍यम से किया जाएगा जो 90 मी. लंबे चार पेनस्‍टॉकों से गुजरते हुए टरबाइन में प्रवेश करेगा|

सीएमडी के मुताबिक, परियोजना प्रभावित परिवारों को 10 साल तक प्रति माह 100 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी| साथ ही परियोजना की कमाई के 1% अतिरिक्‍त स्‍थानीय क्षेत्र विकास निधि (लगभग 3.08 करोड़ रुपए प्रति वर्ष) खर्च किए जाएंगे| इसके अलावा परियोजना के निष्‍पादन से सड़कों एवं पुलों, स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल सेवाओं और अन्‍य स्‍थानीय अवसंरचनाओं का विकास होगा|