विक्रमादित्य सिंह की भाजपा को चुनौती, सेना को ढाल ना बनाएं, दम है तो मुद्दों पर चुनाव लड़ें

विक्रमादित्य सिंह की भाजपा को चुनौती, सेना को ढाल ना बनाएं, दम है तो मुद्दों पर चुनाव लड़ें

प्रजासत्ता|
हिमाचल प्रदेश में मंडी संसदीय चुनाव में प्रतिभा सिंह के कारगिल को लेकर दिए गए बयान पर सियासत गरमा गई है| भाजपा ने कांग्रेस को जहां आड़े हाथों लिया है| वहीं, अब काग्रेस भी पलटवार कर रही है| कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह के बेटे और विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया के जरिये पलटवार किया है|

विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भाजपा हमें राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ा रही है, जिन्होंने 2014 में लोकसभा चुनाव में कारगिल युद्ध के शहीद कैप्टन बिक्रम बत्रा की माता को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इतिहास इसका गवाह है। इंटरनेट मीडिया पर विक्रमादित्य सिंह ने इसको लेकर पोस्ट शेयर की है। विक्रमादित्य सिंह ने लिखा कि हम शहीदों को नमन करते हैं।

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उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह आधुनिक हिमाचल के निर्माता के साथ भारतीय सेना में आरनेरी कैप्टन रहे और देश के प्रथम राष्ट्रपति के एडीसी रहे हैं। वही संस्कार और राष्ट्रवाद हमारे खून में है। विक्रमादित्य ने कहा भाजपा चुनाव में सेना को घसीट कर उन्हें धूमिल न करे, वह देश का गर्व है जिनका हम सब सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा यह चुनाव महंगाई, बेरोजगारी और प्रदेश में भाजपा सरकार के डबल इंजन के तथाकथित विकास पर लड़ा जाएगा।

दरअसल, यह सारा विवाद प्रतिभा सिंह के उस बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा ने अपना टिकट एक पूर्व फौजी को दिया है, क्योंकि उन्होंने कारगिल युद्ध में भाग लिया था, लेकिन कारगिल युद्ध कोई बड़ा युद्ध नहीं था| सिर्फ अपनी धरती से ही पाकिस्तानियों को खदेड़ना था|ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे पेश किया जा रहा है, जैसे वे बहुत बड़े सैनिक रहे हों और विजय हासिल की हो. भाजपा ये सब सिर्फ इसलिए कर रही है, ताकि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और परिजनों के वोट हासिल कर सके. लेकिन, जनता ने सोच समझकर विकास के नाम पर अपनी मुहर लगानी है|

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