शहीदों के परिजनों को HRTC में फ्री यात्रा की घोषणा तो ढकोसला निकली पर अधिसूचना भी फरेब हुई साबित

शहीदों के परिजनों को HRTC में फ्री यात्रा की घोषणा तो ढकोसला निकली पर अधिसूचना भी फरेब हुई साबित

प्रजासत्ता|
नेताओं की घोषणाएं तो ढकोसला हो सकती हैं पर अधिसूचना भी फरेब होती हैं, हिमाचल प्रदेश में यह मामला पहली बार सामने आया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में अर्द्धसैनिक बलों के शहीद जवानों के परिजनों को मुफ्त यात्रा सुविधा देने की घोषणा कर जयराम सरकार ने भले ही खूब वाहवाही लुटी हो लेकिन यह केवल कोरी घोषणा ही बन कर रह गई है| बता दें कि घोषणा और अधिसूचना जारी होने के लगभग एक साल पूरा होने पर भी यह सुविधा शहीदों के परिजनो को नहीं मिल पाई है|

बीते वर्ष पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए कांगड़ा के सीआरपीएफ जवान तिलक राज की शहादत के बाद निगम ने अर्द्धसैनिक बलों के शहीद जवानों के परिजनों को मुफ्त यात्रा सुविधा देने का फैसला लिया है| बता दें कि हिमाचल से बड़ी संख्या में जवान सीआरपीएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ और सीआईएसएफ में कार्यरत हैं| वहीँ इसके बाद शिमला में परिवहन निगम निदेशक मंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि अर्द्धसैनिक बलों के शहीदों के परिजन एचआरटीसी की वोल्वो और साधारण बसों में निशुल्क यात्रा दी जाएगी|

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गौरतलब है कि इस निर्णय के तहत पैरामिलिट्री के शहीद जवानों की विधवा, माता-पिता और बच्चों को 18 वर्ष तक फ्री यात्रा सुविधा मिलनी थी। पूर्व में यह सुविधा आर्म्ड फोर्सिस को उपलब्ध थी। विभाग द्वारा शहीदों के आश्रितों को पहचान पत्र जारी करने की घोषणा भी की गई थी लेकिन वह अभी तक जारी नही हुए| इस घोषणा को पूरा करने के लिए लगातार शहीदों के परिवार सरकार से अनुरोध कर रहे हैं, जिसके लिए कई बार पत्र लिखकर सरकार के नुमाइंदों को याद दिलाई गई| लेकिन सरकार और अधिकारी है जो इसको लेकर गंभीर नही है|