सी एंड वी अध्यापक संघ की राज्य कार्यकारणी की 9 दिसंबर 2021 की चुनाव अधिसूचना का हो रहा सामूहिक विरोध

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सी एंड वी अध्यापक संघ हिमाचल प्रदेश की एक गूगल मीट सी एंड वी अध्यापक संघ के राज्य कोषाध्यक्ष धनवीर की अध्यक्षता में संपन्न हुई । इस बैठक में सी एंड वी अध्यापक संघ की राज्य अध्यक्षा मंजुला वर्मा ,जिला मंडी के प्रधान रोशन लाल तथा सचिव मनोहर लाल ,जिला सिरमौर के प्रधान वीर सिंह ,जिला सोलन के महासचिव नरेश कुमार ,राज्य मुख्यालय सचिव ज्ञान दास ,जिला शिमला के चुनाव प्रभारी नरेंद्र कुमार शर्मा ,जिला कुल्लू के पूर्व प्रधान गोविंद ठाकुर,जिला चम्बा के प्रधान चतर सिंह सूर्यवंशी और जिला मंडी के पूर्व महासचिव हेमराज ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे। इन सभी लोगों ने हिमाचल प्रदेश सी एंड वी अध्यापक संघ की राज्य कार्यकारिणी
द्वारा निकाली गई दिनांक 9 दिसंबर 2021 की चुनाव अधिसूचना का सामूहिक रूप से विरोध किया है । सभी पदाधिकारियों का इस संबंध में यह कहना है कि दिनांक 7 दिसंबर 2022 से निरंतर हिमाचल प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी हो रही है जिसके चलते राज्य कार्यकारिणी द्वारा ब्वॉय स्कूल हमीरपुर में निर्धारित किए गए स्थल पर इतनी दूर दराज के क्षेत्रों से रास्तों के अवरुद्ध होने के बावजूद पहुंचना किसी भी खतरे से खाली नहीं है । इतना ही नहीं इस बैठक में यह भी तय किया गया कि जब जिला शिमला के चुनाव ही विधिवत अभी संपन्न नहीं हुए हैं तो राज्य को ऐसी भी क्या जल्दी आन पड़ी है कि आनन-फानन में राज्य के चुनाव कई जिलों के विरोध करने के बावजूद भी जबरन करवाए जा रहे हैं । इधर जिला चम्बा भी इस चुनाव में आने से अपनी असमर्थता जता चुका है। परन्तु राज्य प्रधान और सचिव तथा वरिष्ठ पदाधिकारी फिर भी कोई बात मानने को तैयार नहीं हैं। जिला चम्बा के प्रधान चतर सिंह सूर्यवंशी ने सी एंड वी अध्यापक संघ के राज्य व्हाट्सएप समूह में अपने जिले की सारी स्थितियों को फोटो भेज भेज करके व्यक्त किया। परंतु राज्य कार्यकारिणी के कानों जूं तक नहीं रेंगी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त सभी जिलों के पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से राज्य कार्यकारिणी के इस एक तरफा और अड़ियल रवैया का विरोध जताया है । सभी ने यह स्पष्ट किया कि यह एक सोची समझी साजिश है जिसके चलते राज्य के पदाधिकारी अपनी मनमानी कार्यकारिणी का चयन करना चाहते है । यदि ऐसा नहीं होता तो फिर पिछले 4 महीनों से लगातार राज्य के चुनाव आगे -आगे क्यों बढ़ाए जाते रहे ?और ठीक एन मौके पर सभी विपरीत स्थितियों का लाभ उठाकर यह चुनाव आनन-फानन में रखने की क्या जरूरत पड़ गई ? सभी पदाधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के साथ साथ उपयुक्त हमीरपुर से भी निवेदन किया है कि इन चुनावों को किसी भी सूरत से होने न दिया जाए,क्यों कि 8/1/2022के सरकार के फैसले के चलते सभी स्कूल 26 जनवरी 2022 तक कोरोना के चलते बंद किए गए हैं। ऐसी स्थिति में स्कूल परिसर में चुनावों का होना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। इतना ही नहीं यह भी स्पष्ट किया गया कि राज्य की जो इकाई इस चुनाव को करने की अधिसूचना कर चुकी है ;उसके पास सी एंड वी अध्यापक संघ की पंजीकरण दस्तावेज की भी कोई प्रति मौजूद नहीं है । ऐसे में अब यह भी शक होने लगा है कि यह संगठन कहीं अवैध रूप से तो राज्य के पैड पर प्रयुक्त पंजीकरण संख्या का प्रयोग न कर रहा हो ।जिसके कारण चोरी पकड़े जाने के कारण यह आनन-फानन में प्रदेश के सी एंड वी अध्यापक साथियों को बुधू बना कर मनमाने ढंग से राज्य का चुनाव करवाने के चक्कर में तो नहीं है । सभी पदाधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश के सभी सी एंड वी अध्यापक साथियों से यह भी निवेदन किया है कि ऐसे लोगों से हमेशा सावधान रहें और वैधानिक प्रक्रिया के साथ किए गए तथा सभी जिलों की सहभागिता के साथ किए गए चुनावों का समर्थन करें ।

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