टॉपर शालिनी शेखावत ने सुनाई सफलता की कहानी


निहारिका गुप्ता, नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने हाल ही भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा 2022 (UPSC ISS Result 2022) के रिजल्ट की घोषणा की। यूपीएससी ने इसके साथ ही इन परीक्षाओं के अंतिम चरण यानि इंटरव्यू के परिणाम के आधार पर अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों की लिस्ट आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जारी कर दी है।

आमतौर पर देशभर में यूपीएससी की परीक्षाएं सबसे कठिन मानी जाती हैं, लेकिन इस कठिन परीक्षा में लड़कियां शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। हाल ही में जारी हुए भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा (ISS) के रिजल्ट में राजस्थान की राजधानी जयपुर के वैशाली नगर की रहने वाली शालिनी शेखावत (Shalini Shekhawat) ने ऑल इंडिया 8वी रैंक हासिल की है।

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शालिनी शेखावत की प्रारंभिक शिक्षा जयपुर से

न्यूज24 से बातचीत में शालिनी ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा ब्राइटलैंड स्कूल, जयपुर से हुई है। उसके बाद सांख्यिकी की पढ़ाई के लिए उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। शालिनी शेखावत ने बताया कि साल 2015 में उनकी शादी हो गई थी, लेकिन शादी के बाद आई परिवार की नई जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की। शालिनी ने अपने आखिरी प्रयास में भारतीय सांख्यिकी सेवा में शानदार रैंक हासिल कर परिवार के साथ प्रदेश का भी नाम रोशन किया।

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तैयारी के दौरान हुई भाई की मौत, लेकिन नहीं मानी हार

शालिनी शेखावत ने रुंधे हुए गले से बताया कि जिस समय वह अपनी तैयारियों में लगी हुई थीं, उसी समय उनके भाई की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद परिवार समेत उन पर उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब डॉक्टरों ने बताया कि भाई को कैंसर है। फिर इस बिमारी की वजह से उनकी दो बार बड़ी सर्जरी भी हुई थी, लेकिन कुछ समय बाद ही उनका देहांत हो गया।

सफलता का श्रेय परिवार को दिया

शालिनी के पति हरेंद्र सिंह शेखावत आईटी प्रोफेशनल हैं। जब भारतीय सांख्यिकी सेवा का अंतिम परिणाम जारी हुआ तो रिजल्ट की फाइनल लिस्ट में शालिनी का नाम देखकर उनके पति हरेंद्र सिंह खुशी से झू्म उठे। उन्होंने सबसे पहले शालिनी का मुंह मीठा करवाया और बधाईयां दी। वहीं, शालिनी ने अपनी सफलता का श्रेय पति के साथ-साथ अपने सास-ससुर को भी दिया है। इसके अलावा हमसे बातचीत के दौरान शालिनी ने ये भी बताया कि उनके 4 साल का एक बच्चा भी है, जिसकी देखरेख उनकी सास और ननदों ने की। इसके साथ ही हमेशा मुझे सपोर्ट किया और मेरी पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी।

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तैयारी के दौरान टाइम मैनेजमेंट पर रहा फोकस

बातचीत के दौरान शालिनी ने बताया कि वे परीक्षा की तैयारी के लिए टाइम मैनेजमेंट का खास ध्यान रखती थीं। उन्होंने बताया कि जयपुर में एक इंस्टीट्यूट से इस परीक्षा की तैयारी की थी। इसके अलावा ज्यादातर समय उन्होंने घर पर ही तैयारी की। उनके मुताबिक बड़ी परिक्षाओं में सफलता हासिल करने के लिए मेहनत से ज्यादा सही स्ट्रेटेजी खास भूमिका निभाती है। शालिनी के मुताबिक उन्होंने पर खुद पर यकीन रखते हुए रोजाना 10-12 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स को ओवर कॉन्फिडेंस में आकर मजबूत विषयों से पकड़ ढीली नहीं करनी चाहिए। साथ ही जो टॉपिक्स कमजोर हैं, उन्हें भी बिना हड़बड़ी के सही से समझना चाहिए।

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तनाव से दूर रहने के लिए लिया मेडिटेशन का सहारा

वहीं, शालिनी ने इस बात पर भी खास जोर दिया कि परीक्षा के नजदीक आने पर नए टॉपिक को पढ़ने के बजाय पुराने टॉपिक्स पर ही जोर देना चाहिए। ताकि आत्मविश्वास बना रहता है। साथ ही उन्होंने कहा कि एकाग्रता बनाए रखने और तनाव से दूर रहने के लिए हेल्दी फूड, अनुशासित दिनचर्या और मेडिटेशन जैसे उपाय भी अपनाए जा सकते हैं।

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