मिसाल: रिटायर्ड अध्यापक ने सुविधाजनक आखिरी धाम बनवाने का उठाया बेड़ा

मिसाल: रिटायर्ड अध्यापक ने सुविधाजनक आखिरी धाम बनवाने का उठाया बेड़ा
सेवानिवृत अध्यापक देश राज शास्त्री द्वारा गोलवां में निर्माणाधीन किये जा रहे मोक्षधाम का दृश्य

अनिल शर्मा|फतेहपुर/गोलवां
उपमंडल फतेहपुर के अंतर्गत आते क्षेत्र गोलवां के सेवानिवृत अध्यापक देस राज शास्त्री ने आस पास के लगभग दस गांवों की सुविधा के लिए आखिरी मोक्ष धाम बनवाने का बीड़ा उठाया है।समाजसेवा की भावना से किये जा रहे इस उत्कृष्ट कार्य के लिए लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं। सेवानिवृत अध्यापक देश राज शास्त्री ने बताया कि मौसम की विपरीत परिस्थितियों में मृत्यु के उपरांत मोक्षधाम में अंतिम क्रिया के दौरान लोगों को भारी परेशानी से जूझना पड़ता था।

ऐसे में उनके मन में एक सुविधायुक्त मोक्ष धाम बनवाने की की चाहत मन में जगी। इस बाबत उन्होंने गांववासियों से सलाह मशवरा करने के उपरांत मोक्ष धाम का कार्य शुरू करवा दिया।शास्त्री के अनुसार गांववासियों ने भी भी इस पुनीत कार्य हेतू करीब 80 हजार रुपये इकठ्ठे करके उन्हें दिए।उनके अनुसार अब तक के कार्य में लगभग ढाई लाख रु खर्च आ चुका है। जबकि शेष कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। उक्त मोक्ष धाम में इन दिनों एक बढ़िया शैड का भी निर्माण करवाया जा रहा है ।