मौत के बाद भी इस तरह जिंदा रहेगा नगरोटा का विशाल

मौत के बाद भी इस तरह जिंदा रहेगा नगरोटा का विशाल

कांगड़ा|
जिला कांगड़ा नगरोटा बगवां ग्राम पंचायत हटवास का विशाल मरकर भी चार शरीरों में जिंदा रहेगा।
विशाल का डाढ़ में बस से एक्सीडेंट हो गया था। विशाल वाईक में था। 18 वर्षीय विशाल हटवास निवासी हरनाम के पुत्र थे, जो वीरवार को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। स्वजन उसे टांडा मेडिकल कालेज लेकर आए। सिर में गंभीर चोट होने के कारण उसे पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया था। स्वजन उसे दयानंद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (डीएमसी) लुधियाना ले गए।

मौत के बाद भी इस तरह जिंदा रहेगा नगरोटा का विशाल

चिकित्सकों ने विशाल को ब्रेन डेड घोषित कर उन्हें लौटा दिया । डा. राकेश चौहान स्वजन के संपर्क में थे इसलिए वे विशाल को लेकर शुक्रवार को फिर टांडा मेडिकल कालेज पहुंच गए। यहां डा. राकेश चौहान समेत टांडा मेडिकल कालेज की प्रशासनिक टीम ने स्वजन से बात की। उन्हें अंगदान का महत्व बताकर इसके लिए राजी किया गया। शनिवार को PGI चंडीगढ़ व टांडा मेडिकल कालेज की टीम ने तीन घंटे मेहनत कर विशाल की दो किडनी व दो कार्निया को संरक्षित किया।
हिमाचल के दो लोगों के जीवन में होगा उजाला।

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विशाल की आंखों से हिमाचल के दो लोगों के जीवन में उजाला होगा। कार्निया ट्रांसप्लांट टांडा मेडिकल कालेज में ही किया जाएगा। नेत्र रोग विभाग के अध्यक्ष डा. राजीव तुली के मुताबिक जल्द ही दो लोगों का चयन कर कार्निया ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मौत के बाद भी इस तरह जिंदा रहेगा नगरोटा का विशाल
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