टेलीमेडिसिन जनजातीय क्षेत्र काजा के लिए बन रहा संजीवनी

प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के काजा खंड में अपोलो टेलीमेडिसिन सेन्टर की सुविधा वरदान साबित हो रही है कोविड-19 चलते काजा के लोगों को देश के जाने-माने चिकित्सकों से स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है। कोरो ना में लोग स्पिति घाटी से बाहर जाने में परहेज कर रहे है। ऐसे में स्वास्थय सुविधाओं के कोई सेंटर में पहुँच रहे है। 24 अप्रैल 2015 को अपोलो टेलीमेडिसिन का सेंटर काजा में शुरू हुआ था। तब से लेकर आज तक 9480 मरीजों का उपचार इस सेंटर के माध्यम से किया जा चुका है । इसके साथ ही 420 ऐसे मरीज सेंटर में पहुंचे जिन्हें आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत थी। इन सभी को भी बेहतर इलाज देकर स्वस्थ किया गया । जनजातीय क्षेत्र होने के कारण यहां के लोग प्रदेश के अन्य अस्पतालों में सफर करने के लिए परहेज भी करते हैं और कई लोग असमर्थ भी है ऐसे में सेंटर में ही लोग उपचार के लिए आते हैं और विशेषज्ञों से अपना इलाज यहीं बैठकर करवा लेते हैं। स्पिति में अभी तक 150 कैम्प सेंटर की ओर से लगाएं गए जिनमें लोगों को सेंटर की गतिविधियों के बारे में जागरूक किया गया। अपोलो टेलीमेडिसिन सेंटर का काजा में कार्यरत हेल्थ कोऑर्डिनेटर लामा बुटीथ ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2015 से लेकर आजतक सेंटर कार्य कर रहा है और इससे काफी लाभ यहां के लोगों को मिल रहा है। जैसे ही मरीज हमारे यहां पहुंचता है तो पहले उसका रिकॉर्ड तैयार किया जाता है और उसके बाद किस बीमारी से ग्रसित है इसके बारे में जानकारी हासिल की जाती है और फिर सम्बंधित रोग विशेषज्ञ से संपर्क वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किया जाता है। चिकित्सक सीधे मरीज से बातचीत करता है और रोग के बारे में जानकारी हासिल करता है और फिर इसके बाद ही दवाइयां और टेस्ट लिखे जाते हैं। हमारे पास की दवाइयां है जो कि मरीजों को मुफ्त उपलब्ध करवाई जाती है ।24 घंटे की सेंटर में रहती है । 172 दवाइयां मिलती है मुफ्त अपोलो टेलीमेडिसिन सेंटर काजा में मरीजों के लिए मुफ्त दवाइयों का प्रावधान भी रखा गया है अस्पताल में करीब 172 तरह की दवाइयां मरीजों को चिकित्सकों की सलाह पर मुफ्त में मुहैया करवाई जा रही हैं । इससे जहां स्थानीय लोगों के पैसे की बचत होती है। बेहतरीन दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता है टेस्ट की सुविधा सेंटर में 17 टेस्ट मुफ्त में किए जाते हैं । इनमें यूरिन टेस्ट, एचबी टेस्ट आरबीएस टेस्ट, ए एस ओ टेस्ट, सीपीपी टेस्ट ,आरएफ टेस्ट, यूपीटी टेस्ट , एचबीएआइसी, ईसीजी ,ट्रॉप 1, लिपिड प्रोफाइल आदि शामिल है । वीसैट के माध्यम से कनेक्टिविटी काजा में इंटरनेट की सुविधा मात्र 3 पंचायतों में और वर्ष 2015 में जब टेलीमेडिसिन शुरू किया गया था। तो यहां पर इंटरनेट की सुविधा नहीं थी । इसी वजह से यहाँ ओर वीसेट स्थापित किया गया ओर चैन्नई सेंटर के सर्च काजा को जोड़ा गया है। जहां पर डॉक्टरों की टीम 24 घंटे मौजूद होती है और स्पीति के लोगों का उपचार करने में यह भूमिका टेली मेडिसिन सेंटर निभा रहा है। सेंटर में 4 कर्मचारी अपनी सेवाएं देते हैं इनमें दिल्ली हेल्थ कोऑर्डिनेटर लामा बुटीक स्टाफ नर्स मोनिका ठाकुर और तेनजिन डॉक्टर और आईटी टेक्निशियन राजेश कुमार शामिल है।

प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के काजा खंड में अपोलो टेलीमेडिसिन सेन्टर की सुविधा वरदान साबित हो रही है कोविड-19 चलते काजा के लोगों को देश के जाने-माने चिकित्सकों से स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है। कोरो ना में लोग स्पिति घाटी से बाहर जाने में परहेज कर रहे है। ऐसे में स्वास्थय सुविधाओं के कोई सेंटर में पहुँच रहे है। 24 अप्रैल 2015 को अपोलो टेलीमेडिसिन का सेंटर काजा में शुरू हुआ था। तब से लेकर आज तक 9480 मरीजों का उपचार इस सेंटर के माध्यम से किया जा चुका है । इसके साथ ही 420 ऐसे मरीज सेंटर में पहुंचे जिन्हें आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत थी। इन सभी को भी बेहतर इलाज देकर स्वस्थ किया गया । जनजातीय क्षेत्र होने के कारण यहां के लोग प्रदेश के अन्य अस्पतालों में सफर करने के लिए परहेज भी करते हैं और कई लोग असमर्थ भी है ऐसे में सेंटर में ही लोग उपचार के लिए आते हैं और विशेषज्ञों से अपना इलाज यहीं बैठकर करवा लेते हैं। स्पिति में अभी तक 150 कैम्प सेंटर की ओर से लगाएं गए जिनमें लोगों को सेंटर की गतिविधियों के बारे में जागरूक किया गया।

टेलीमेडिसिन जनजातीय क्षेत्र काजा के लिए बन रहा संजीवनी

अपोलो टेलीमेडिसिन सेंटर का काजा में कार्यरत हेल्थ कोऑर्डिनेटर लामा बुटीथ ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2015 से लेकर आजतक सेंटर कार्य कर रहा है और इससे काफी लाभ यहां के लोगों को मिल रहा है। जैसे ही मरीज हमारे यहां पहुंचता है तो पहले उसका रिकॉर्ड तैयार किया जाता है और उसके बाद किस बीमारी से ग्रसित है इसके बारे में जानकारी हासिल की जाती है और फिर सम्बंधित रोग विशेषज्ञ से संपर्क वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किया जाता है। चिकित्सक सीधे मरीज से बातचीत करता है और रोग के बारे में जानकारी हासिल करता है और फिर इसके बाद ही दवाइयां और टेस्ट लिखे जाते हैं। हमारे पास की दवाइयां है जो कि मरीजों को मुफ्त उपलब्ध करवाई जाती है ।24 घंटे की सेंटर में रहती है ।

172 दवाइयां मिलती है मुफ्त
अपोलो टेलीमेडिसिन सेंटर
काजा में मरीजों के लिए मुफ्त दवाइयों का प्रावधान भी रखा गया है अस्पताल में करीब 172 तरह की दवाइयां मरीजों को चिकित्सकों की सलाह पर मुफ्त में मुहैया करवाई जा रही हैं । इससे जहां स्थानीय लोगों के पैसे की बचत होती है। बेहतरीन दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता है

टेस्ट की सुविधा
सेंटर में 17 टेस्ट मुफ्त में किए जाते हैं । इनमें यूरिन टेस्ट, एचबी टेस्ट आरबीएस टेस्ट, ए एस ओ टेस्ट, सीपीपी टेस्ट ,आरएफ टेस्ट, यूपीटी टेस्ट , एचबीएआइसी, ईसीजी ,ट्रॉप 1, लिपिड प्रोफाइल आदि शामिल है ।

वीसैट के माध्यम से कनेक्टिविटी

काजा में इंटरनेट की सुविधा मात्र 3 पंचायतों में और वर्ष 2015 में जब टेलीमेडिसिन शुरू किया गया था। तो यहां पर इंटरनेट की सुविधा नहीं थी । इसी वजह से यहाँ ओर वीसेट स्थापित किया गया ओर चैन्नई सेंटर के सर्च काजा को जोड़ा गया है। जहां पर डॉक्टरों की टीम 24 घंटे मौजूद होती है और स्पीति के लोगों का उपचार करने में यह भूमिका टेली मेडिसिन सेंटर निभा रहा है। सेंटर में 4 कर्मचारी अपनी सेवाएं देते हैं इनमें दिल्ली हेल्थ कोऑर्डिनेटर लामा बुटीक स्टाफ नर्स मोनिका ठाकुर और तेनजिन डॉक्टर और आईटी टेक्निशियन राजेश कुमार शामिल है।

टेलीमेडिसिन जनजातीय क्षेत्र काजा के लिए बन रहा संजीवनी
टेलीमेडिसिन जनजातीय क्षेत्र काजा के लिए बन रहा संजीवनी