कोरोना वैक्सीन से नहीं, “दिल का दौरा” पड़ने से हुई जूही देवी की मौत

dead body

-परिजनों के अनुसार वीरवार को चैथी बार पड़ा दिल का दौरा
-कोरोना वैक्सीन है सुरक्षित, बारी आने पर सभी लगवाएं टीका

प्रजासत्ता|कुल्लू
जिला कुल्लू की पार्वती घाटी के शांगचन गांव की जूही देवी की वीरवार को दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई, न कि कोरोना वैक्सीन से। 74 वर्षीय जूही देवी को गत 25 मार्च को बाद दोपहर दो बजे स्वास्थ्य उपकेन्द्र बराधा में कोरोना का टीका लगाया गया। टीका लगाने के बाद लगभग 45 मिनट तक वह अस्पताल की निगरानी में रही और उसे उपरांत वह अपने ही गांव की तीन महिलाओं के साथ बराधा अस्पताल से चली गई।

स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को मैजिस्ट्रेट और स्वास्थ्य विभाग की चार सदसीय टीम ने बराधा गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और पाया कि महिला की मौत दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई है। जूही देवी के पुत्र ज्ञान सिंह व मेहर सिंह ने इस संबंध में लिखित बयान दिया है कि उनकी माॅं पहले से ही रक्तचाप की मरीज थी और पिछले एक साल के अन्दर उन्हें तीन बार दिल का दौरा पड़ चुका था। वीरवार को उन्हें चैथी बार दिल का दौरा पड़ा।

उन्होंने कहा कि साथ गई महिलाओं के अनुसार जूही देवी ने बराधा में ही अपने रिश्तेदार के घर में दोपहर का भोजन किया और घर के रास्ते में ही सायं लगभग 4.30 बजे उन्हें चक्कर आया और दिल का दौरा पड़ा। जूही देवी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जरी लाया गया जहां ड्यिूटि पर तैनात चिकित्सक ने सांय 5.10 बजे उन्हें मृत लाया गया घोषित किया। उसके उपरांत परिजन मृत महिला को वापिस गांव ले गए।

प्रवक्ता के अनुसार 25 मार्च को स्वास्थ्य उपकेन्द्र बराधा में कुल 24 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया जिनमें से 23 लोग विल्कुल स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि जिला में अभी तक 60 साल से अधिक आयु के 14384 लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है और लोग स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और बारी आने पर सभी लोगों को टीका लगवाने के लिए आगे आना चाहिए ताकि समाज कोरोना मुक्त हो सके।