देव परंपरा पर बंदिशें लगाने से नाराज देवता उपायुक्त कार्यालय कुल्लू पहुंचे,कही यह बातें

कोरोना महामारी के कारण देव कारज पर लगी बंदिशों से नाराज शैला देवता ब्रह्मा रायसन सोमवार को उपायुक्त कुल्लू के कार्यालय पहुंचे।
कोरोना महामारी के कारण देव कारज पर लगी बंदिशों से नाराज शैला देवता ब्रह्मा रायसन सोमवार को उपायुक्त कुल्लू के कार्यालय पहुंचे।

प्रजासत्ता | कुल्लू
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद सरकार ने मंदिरों को बंद रखने का आदेश भले ही सुनाया है। लेकिन यह देवी-देवताओं को कतई पंसद नहीं है। बता दें कि कोरोना महामारी के कारण देव कारज पर लगी बंदिशों से नाराज शैला देवता ब्रह्मा रायसन सोमवार को उपायुक्त कुल्लू के कार्यालय पहुंचे। जहां देवता ने नाराजगी जाहिर की और देवताओं के आयोजन पर लगाई बंदिशें तुरंत प्रभाव से हटाने को कहा।

इस दौरान करीब एक घंटे तक देवता उपायुक्त कार्यालय के बाहर रहे। इस दौरान देवता उपायुक्त कार्यालय के भीतर प्रतीक्षा कक्ष में जा पहुंचे। देवता के गूर को इस दौरान देव खेल आई और कहा कि देवताओं के लिए सरकार बंदिशें लगा रही है जो ठीक नहीं है।

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देवता ने गूर के माध्यम से सख्त लहजे में कहा कि कोरोना में देवी-देवताओं के मंदिर बंद नहीं होने चाहिए। अगर देवताओं के मंदिर बंद रहे तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहना होगा। कोरोना महामारी को भी हम सभी देवी-देवता दूर करेंगे। इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा ढालपुर में कुष्टु काहिका का आयोजन किया जाए। इस दौरान एसडीएम कुल्लू प्रशासन की ओर से उपस्थित हुए और देवलुओं के साथ बात की। काहिका में सभी देवताओं के निशान पहुंचते हैं। यह शुद्धिकरण की एक प्रक्रिया मानी जाती है।