Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू
प्रजासत्ता के 10 साल

‘काम पसंद तो ठीक, वरना मक्खन नहीं लगाऊंगा: गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

[ad_1]

Maharashtra: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को नागपुर में सोमवार को मोहन धारिया राष्ट्र निर्माण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान गडकरी को पद्म विभूषण डॉक्टर रघुनाथ माशेलकर ने अपने हाथों दिया।

कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने बड़ी बेबाकी से अपनी राय रखी और कहा ‘मैं देश में जैव ईंधन और वाटरशेड संरक्षण सहित कई प्रयोग कर रहा हूं। अगर लोग इन्हें पसंद करते हैं तो ठीक है। नहीं तो मुझे वोट मत दें। मैं पॉपुलर पॉलिटिक्स के लिए ज्यादा मक्खन लगाने वाला नहीं हूं। मैं नहीं तो कोई और जीतकर आएगा।’

उन्होंने अपनी बात को बढ़ाते हुए आगे कहा,’राजनीति पैसे कमाने का धंधा नहीं है। राजनीति का अर्थ सामाजिक कार्य, राष्ट्रीय मुद्दों को हल करना और विकास से जुड़े काम करना भी है। सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन ही राजनीति का मुख्य लक्ष्य है।’

 

इसे भी पढ़ें:  पहली लिस्ट के बाद कर्नाटक भाजपा में बगावत!

सम्मान पाना मेरे लिए गर्व की बात

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने पुरस्कार के लिए वानराय फाउंडेशन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘पद्म विभूषण डॉ. मोहन धारिया की स्मृति में यह पुरस्कार पाना मेरे लिए गर्व की बात है।’

बंजर भूमि के संरक्षण की वकालत की

गडकरी ने बंजर भूमि विकास रिपोर्ट के बारे में बात करते हुए कहा कि बंजर भूमि संरक्षण समय की मांग है। बंजर भूमि संरक्षण पर धारिया की रिपोर्ट को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाना चाहिए।

बांस और गन्ने की खेती के लिए किया प्रोत्साहित

गडकरी ने कहा कि सतत विकास आधुनिक दुनिया में सफलता की कुंजी है। पर्यावरण के बिना, विकास टिकेगा नहीं। उन्होंने आर्थिक विकास के लिए बांस की खेती की वकालत की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के किसानों को बांस की खेती करना चाहिए। इसमें कम लागत और मुनाफा अधिक है। इसी तरह गन्ने से इथेनॉल बनाया जा सकता है। इथेनॉल के उपयोग से ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

इसे भी पढ़ें:  AAP विधायक ने दिल्ली विधानसभा में दिखाई नोटों की गड्डियां, रिश्वत का दावा, जान को बताया खतरा

यह भी पढ़ें: राहुल गांधी को खाली करना पड़ेगा सरकारी बंगला, लोकसभा की हाउसिंग कमेटी ने भेजा नोटिस



[ad_2]

Source link

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now