“सच में ‘गुलाम’ बन गए…”, गुलाम नबी आजाद पर भड़के पवन खेड़ा

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Ghulam Nabi Azad: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद पर उनके ही पुराने दोस्त भड़क गए हैं। गुलाम नबी आजाद ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा था कि मैं कांग्रेस को बेनकाब और पूरी तरह से ध्वस्त नहीं करना चाहता। उनके इस बयान के बाद कांग्रेसी खेमे में हलचल बढ़ गई है। बुधवार को दिग्विजय सिंह, पवन खेड़ा और हरीश रावत ने आजाद पर निशाना साधा।

दिग्विजय सिंह ने पहले अपनी पार्टी बचाने की दी सलाह

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने गुलाम नबी आजाद को भाईजान कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आप कांग्रेस को क्या एक्सपोज या डिमॉलिश करेंगे, पहले कश्मीर में अपनी पार्टी को बचा लीजिए। 40 साल कांग्रेस में रहकर आपने पार्टीके साथ दगा कर दिया। अब भाजपा और पीएम मोदी की बैसाखियों के सहारे क्या हासिल कर लेंगे?

बता दें कि कांग्रेस से अलग होकर गुलाम नबी आजाद ने अपनी नई पार्टी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी बनाई थी।

पवन खेड़ा का आरोप- कांग्रेस का भरोसा तोड़ा

वहीं, पवन खेड़ा ने कहा कि जिस राजनेता (गुलाम नबी आजाद) को उनकी पार्टी (कांग्रेस) ने पार्टी के शीर्ष पदों पर बैठाया। वह अब उस पार्टी के खिलाफ बोल रहा है। उन्होंने (गुलाम नबी आजाद) पार्टी का भरोसा तोड़ा। जब उन्होंने पार्टी छोड़ी तो उन्होंने कहा कि मैं अब स्वतंत्र हूं, लेकिन पिछले दो दिनों में उनकी टिप्पणियों को सुनने के बाद हमें लगता है कि वह ‘गुलाम’ बन गए हैं।

गुलाम नबी ने अपना नाम गंदा किया

उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि गुलाम नबी आजाद को ये नहीं भूलना चाहिए कि ये कांग्रेस का नेतृत्व ही था जिन्होंने उनको आजाद बनाए रखा। सोनिया गांधी ने गुलाम नबी आजाद को क्या कुछ नहीं दिया। इसका गुलाम नबी ने जो सिला दिया उससे उन्होंने अपने नाम को गंदा किया है।

फिर बोले आजाद- कांग्रेस गलतियों को ठीक करे

बुधवार को एक बार फिर गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस पार्टी को अपनी गलतियों को ठीक करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कुछ कमियां सभी राजनीतिक पार्टियों में होती है। कांग्रेस पार्टी उन गलतियों को ठीक करे, आगे बढ़े और एक राष्ट्रीय पार्टी की भूमिका निभाए।

गुलाम नबी बोले-  मोदी ने कभी बदला नहीं लिया

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मुझे मोदी की सराहना जरूर करनी चाहिए। मैंने उनके साथ जो किया, उसके लिए उन्होंने उदारता दिखाई। विपक्ष के नेता के रूप में मैंने उन्हें किसी भी मुद्दे पर नहीं बख्शा, चाहे वह धारा 370 हो या सीएए या हिजाब का मामला। मैंने कुछ विधेयकों को पूरी तरह से विफल भी कर दिया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने एक राजनेता की तरह व्यवहार किया। उसका कभी बदला नहीं लिया।

वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व का लोगों पर कोई प्रभाव नहीं

राहुल गांधी डिस्क्वालीफिकेशन और अन्य मुद्दों पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि नेहरू जी, राजीव गांधी, इंदिरा गांधी इस आघात को सहन कर सकते थे, उनमें सहनशक्ति थी। उन्हें जनता का समर्थन और सम्मान था और समय के साथ अपने काम से वे पलट सकते थे। लेकिन वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व का लोगों पर कोई प्रभाव नहीं है।

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