एनजीटी ने संभाला पटाखों से प्रदूषण पर मोर्चा,देश के इन 18 राज्यों में पटाखों पर लगेगी रोक

एनजीटी ने पटाखे जलाने से होने वाले प्रदूषण के मामलों की सुनवाई का दायरा एनसीआर से बढ़ाते हुए 18 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों तक बढ़ा दिया है. प्राधिकरण ने इन सबको नोटिस जारी किया है.
एनजीटी ने पटाखे जलाने से होने वाले प्रदूषण के मामलों की सुनवाई का दायरा एनसीआर से बढ़ाते हुए 18 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों तक बढ़ा दिया है. प्राधिकरण ने इन सबको नोटिस जारी किया है.

प्रजासत्ता|
अब राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण यानी एनजीटी ने पटाखे जलाने से होने वाले प्रदूषण के मामलों की सुनवाई का दायरा एनसीआर से बढ़ाते हुए 18 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों तक बढ़ा दिया है| प्राधिकरण ने इन सबको नोटिस जारी किया है|

बुधवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पटाखों से होने वाले प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया है। विभिन्न समूहों द्वारा दायर याचिकाओं में 30 नवंबर तक पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।

एनजीटी ने इससे जुड़े मामलों की सुनवाई का दायरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) तक बढ़ा दिया। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली एक पीठ इस मामले में पहले ही दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को नोटिस भेज चुकी है। जबकि राजस्थान और ओडिशा सरकारों ने अपने राज्यों में पटाखों की खरीद और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए अधिसूचना जारी की है।

NGT आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, तमिलनाडु, तेलंगाना, और उत्तराखंड के पटाखों से होने वाले प्रदूषण का जवाब देता है। की दरकार है

पीठ ने कहा कि सभी संबंधित राज्य, जहां वायु की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है, ओडिशा और राजस्थान जैसे पटाखों की खरीद और बिक्री के कदमों पर विचार कर सकते हैं। विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने 2 नवंबर को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और चार राज्यों को नोटिस जारी कर इसका जवाब मांगा था। याचिकाओं में 7 से 30 नवंबर तक पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।