किसानों का ‘रेल रोको’ अभियान: संवेदनशील स्टेशनों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती

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प्रजासत्ता |
षि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 85वां दिन है। गाजीपुर, टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। फिलहाल इस गतिरोध का कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है। इस बीच आंदोलनकारी किसानों ने एकबार फिर से अपने आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया है।

कृषि कानूनों के विरोध में महीनों से आंदोलन कर रहे किसान, गुरुवार को किसान संगठनों के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में रेल रोको आंदोलन कर रहे हैं| आज दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच कई राज्यों, खासकर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रेल की पटरियों पर किसान आंदोलन करेंगे और ट्रेनों का चक्का रोक
सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील स्टेशनों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है|

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वहीं, रेलवे पुलिस फोर्स के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है| राज्यों की पुलिस भी अलर्ट पर है| हापुड़ जंक्शन, गढ़मुक्तेश्वर, धौलानाऔर पिलखुवा रेलवे स्टेशन की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है| इन चार रेलवे स्टेशनों के लिए चार मजिस्ट्रेट भी तैमान किए गए हैं| आज कई राज्यों में रेल सेवाएं प्रभावित रहेंगी| रेल रोको आंदोलन के चलते कुछ संवेदनशील रेलवे रूटों की पहचान की गई है|

भारतीय किसान यूनियन ने अपील की है कि किसी तरह की कोई हिंसा या परेशानी यात्रियों को नहीं आने दी जाएगी. संगठन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलनकारी पूरा ध्यान रखेंगे कि यात्रियों को परेशानी न हो. उन्होंने यह भी कहा कि ‘हम लोगों को पानी, दूध, लस्सी और फल वगैरह देंगे और उन्हें बताएंगे कि हमारी समस्या क्या है|’

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