किसानों का 18 फरवरी को चार घंटे के लिए ‘रेल रोको’ अभियान

किसानों ने गणतंत्र दिवस पर दिल्‍ली में दी ट्रैक्टर रैली आयोजित करने की धमकी

प्रजासत्ता |
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 82वां दिन है। फिलहाल इस गतिरोध का कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है। गाजीपुर, टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। इस बीच आंदोलनकारी किसानों ने एकबार फिर से अपने आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया है।

प्रदर्शनकारी किसानों ने 18 फरवरी को देशभर में रेल रोको अभियान का ऐलान किया है। किसानों ने ऐलान किया है कि 18 फरवरी को 4 घंटे तक पूरे देश में रेल रोको अभियान चलाया जाएगा।

किसान नेताओं का कहना है कि उन्हें कानून वापसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। किसान संगठनों का कहना है कि नए कृषि कानूनों को एक से डेढ़ साल तक के लिए निलंबित रखने का सरकार का मौजूदा प्रस्ताव उन्हें स्वीकार नहीं है|

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बता दें कि संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किसानों से आंदोलन खत्म किए जाने की अपील की उधर किसान अपने आंदोलन को धार देने का ऐलान करते हुए पहले राजस्थान के सभी रोड को एक दिन के लिए टोल प्लाजा को टोल मुक्त कराने की बात किया था वही फिर 18 को देशभर में रेल रोको अभियान चलाने की बात कही |

आपको बता दें कि इन कानूनों को लेकर किसानों की सरकार के बीच अबतक 11 दौर की वार्ता हो चुकी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलकर पाया है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर नए कृषि कानूनों को एक से डेढ़ साल तक स्थगित करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी और इन कृषि कानूनों को वापस लेने की अपनी मांग पर अड़े हैं।

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