Whatsapp के लिए बुरी खबर, 28 फीसदी यूजर छोड़ना चाहते हैं App

28 प्रतिशत यूजर्स छोड़ना चाह रहे हैं व्हाट्सऐप :

प्रजासत्ता नेशनल डेस्क |
व्हाट्सऐप ने जब से नई प्राइवेसी पॉलिसी की घोषणा की है, मानो उसके बुरे दिन शुरू हो गए हैं।
नई पॉलिसी में कहा गया है कि अब व्हाट्सऐप यूजर्स का डाटा फेसबुक के साथ शेयर किया जाएगा, जिसके बाद से ढेरों यूजर्स नाराज हैं। पहले व्हाट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी में किए गए बदलाव 8 फरवरी, 2021 से लागू होने वाले थे, हालांकि यह डेडलाइन अब मई तक बढ़ा दी गई है।

उधर भारत सरकार द्वारा Whatsapp से इसकी New User Data Privacy Policy को वापस लेने के आदेश के बाद शुक्रवार को एक राष्ट्रव्यापी अध्ययन में यह पता चला है कि 79 प्रतिशत यूजर्स Whatsapp की सेवाएं जारी रखने के लिए पुनर्विचार कर रहे हैं| दिल्ली के गुरुग्राम स्थित मार्केट रिसर्च फर्म – साबइर मीडिया रिसर्च (Cyber Media Research – सीएमआर) के ताजा अध्ययन में कहा गया है कि Whatsapp की New Privacy Policy के मद्देनजर 79 प्रतिशत यूजर्स Whatsapp की सेवाएं जारी रखने के लिए पुनर्विचार कर रहे हैं, जबकि 28 प्रतिशत यूजर्स इसे छोड़ना चाह रहे हैं|

स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक, जितने लोगों का सर्वे किया गया उनमें से 41 प्रतिशत यूजर्स Whatsapp को छोड़कर Telegram अपनाना चाह रहे हैं, जबकि 35 प्रतिशत यूजर्स Signal को तरजीह दे रहे हैं|

सीएमआर के आईसीजी (इंडस्ट्री कन्सल्टिंग ग्रुप) हेड सत्य मोहंती ने कहा कि Whatsapp की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर चर्चा लगातार जारी है, लेकिन यह चर्चा निजता को तरजीह देने वाले उपभोक्ताओं से कहीं आगे की है क्योंकि कुछ यूजर्स Whatsapp का इस्तेमाल बंद करना चाह रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स टेलीग्राम अथवा सिग्नल जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं|

मोहंती ने कहा कि इसकी वजह यह है कि टेलीग्राम अथवा सिग्नल लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं और इनमें कई तरह के फीचर्स भी हैं| गौरतलब है कि Whatsapp की नई प्राइवेसी पॉलिसी की घोषणा के बाद यह अपने कई मौजूदा यूजर्स खो रहा है. साथ ही इसके भावी यूजर्स की संख्या भी घट सकती है|

गौरतलब है कि केंद्रीय सूचना-प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय ने हाल ही में Whatsapp को एक पत्र लिखा था| हालांकि कंपनी ने अपनी सफाई में कहा है कि यूजर्स की चैट, बिजनेस अकाउंट की चैट समेत कोई भी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं की जाएगी| बहरहाल, यह मामला अभी दिल्ली हाई कोर्ट में विचाराधीन है|

इन सबके बीच यूजर्स का क्या कहना है – यही जानने के लिए गुरुग्राम स्थित मार्केट रिसर्च फर्म – साबइर मीडिया रिसर्च (सीएमआर) ने सर्वे किया है| स्टडी में कहा गया है कि Whatsapp की नई प्राइवेसी पॉलिसी से 49 प्रतिशत उपभोक्ता नाखुश हैं तो 45 प्रतिशत लोगों का कहना है कि अब Whatsapp पर उनका भरोसा नहीं रहा| 35 फीसदी उपभोक्ताओं का मानना है कि ये यूजर्स के साथ छल है| सिर्फ 10 फीसदी उपभोक्ताओं ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी|

वहीँ मेसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप अपना यूजरबेस बचाने की कोशिश कर रहा है और यूजर्स को कई बार सफाई दे चुका है। व्हाट्सऐप ने कहा कि यूजर्स के मेसेज और प्राइवेट ग्रुप्स पूरी तरह सुरक्षित हैं और एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन के साथ व्हाट्सऐप या फेसबुक कोई मेसेज नहीं पढ़ सकते। पॉलिसी लागू करने का प्लान मई तक आगे बढ़ाते हुए व्हाट्सऐप ने कहा है कि यूजर्स को नई पॉलिसी समझने का पूरा वक्त दिया जाएगा।