भारतीय सेना के जवानों ने चीनी सैनिकों की घुसपैठ की कोशिश को किया नाकाम,सेना ने की पुष्टि

भारतीय सेना के जवानों ने चीनी सैनिकों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम

प्रजासत्ता|
पूर्वी लद्दाख में भारत और चीनी सैनिकों के बीच एक बार फिर से झड़प की खबर सामने आई है।वास्तविक नियंत्रण रेखा पर करीब 9 महीनों से दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव के बीच इस बार हजारों किलोमीटर दूर सिक्किम के नकुला में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच ताजा झड़प की खबरें हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह झड़प पिछले सप्ताह तीन दिन पहले हुई थी, जब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों ने भारतीय सीमा के अंदर घुसने का प्रयास किया था। इसके साथ ही इस भिड़ंत में करीब 20 चीनी सैनिक घायल हो गए हैं, जबकि 4 भारतीय जवान भी घायल हुए।

भारतीय सेना के जवानों ने चीनी सैनिकों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया और शारीरिक झड़पें हुईं, जिसमें दोनों पक्षों के सैनिकों के घायल होने की खबर है।

सूत्रों ने कहा कि झड़प के दौरान किसी तरह की हथियार का इस्तेमाल नहीं किया गया। स्थिति अब नियंत्रण में बताई गई है।

यह ध्यान दिया जा सकता है कि पिछले अप्रैल/मई में पूर्वी लद्दाख के कई स्थानों पर गतिरोध शुरू होने से पहले नाकूला में झड़प हुई थी।

भारत और चीन के बीच नौवें दौर की सैन्य वार्ता के कुछ ही दिन पहले यह झड़प हुई थी, जो रविवार को हुई थी। कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता लगभग 16 घंटे चली और पूर्वी लद्दाख में सभी घर्षण बिंदुओं से सैनिकों के पीछे हटने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

बताया गया कि लगभग 10:30 बजे शुरू हुई वार्ता देर रात 2:30 बजे समाप्त हुई।

सूत्रों ने कहा कि भारत ने चीन को वार्ता के दौरान बताया कि यह लद्दाख में एलएसी के साथ घर्षण बिंदुओं पर डी-एस्केलेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बीजिंग को पहल करनी होगी।

बता दें कि जारी सीमा गतिरोध के बीच लगभग 1,00,000 भारतीय और चीनी सैनिक पूर्वी लद्दाख में तैनात हैं।

पिछले साल जून में गलवान घाटी में दोनों पक्षों के सैनिक भिड़ गए थे, जिसमें 20 भारतीय सैनिक और पीएलए के 40 से ज्‍यादा जवान मारे गए थे। लगभग पांच दशकों में भारत और चीन के बीच सीमा दुर्घटना की यह पहली घटना थी।