राहुल का केंद्र पर तंज “सरहद पर जान बिछाते जिनके बेटे, उनके लिए कीलें बिछाईं दिल्ली सीमा पर”

लोकसभा में बोले राहुल गांधी-प्रधानमंत्री ने तीन विकल्प दिए- भुखमरी, बेरोजगारी और आत्महत्या
लोकसभा में बोले राहुल गांधी-प्रधानमंत्री ने तीन विकल्प दिए- भुखमरी, बेरोजगारी और आत्महत्या

प्रजासत्ता नेशनल डेस्क|
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान आंदोलन के 100 दिन पूरे होने पर फिर से केंद्र सरकार पर निशाना साधा है|

राहुल का केंद्र पर तंज "सरहद पर जान बिछाते जिनके बेटे, उनके लिए कीलें बिछाईं दिल्ली सीमा पर"


उन्होंने कहा है कि जिन किसानों के बेटे देश की सरहद पर अपनी जान बिछाते आए हैं, उन्हें दिल्ली आने से रोकने के लिए केंद्र की बीजेपी सरकार ने दिल्ली सीमा पर कीलें बिछाई हैं| उन्होंने कहा है कि किसान अपना अधिकार मांग रहे हैं लेकिन केंद्र की सरकार अधिकार देने की बजाय उन पर अत्याचार कर रही है|


कांग्रेस नेता ने एक दिन पहले भी कहा था कि केंद्र सरकार को हर हाल में तीनों नए कृषि कानून वापस लेने ही होंगे, गुरुवार को गांधी ने ट्वीट किया था, “बीज बोकर जो धैर्य से फ़सल का इंतज़ार करते हैं, महीनों की प्रतीक्षा व ख़राब मौसम से वे नहीं डरते हैं! तीनों क़ानून तो वापस करने ही होंगे!”

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बता दें कि देश का अन्नदाता पिछले 100 दिन से दिल्ली की तीन सीमाओं सिंघु, टीकरी और गाजीपुर में बड़ी संख्या में देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसान डटे हुए हैं| इन किसानों में मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान शामिल हैं|
सरकार और किसान संघों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद दोनों पक्ष किसी समझौते पर अब तक नहीं पहुंच पाए हैं और किसानों ने तीनों कानूनों के निरस्त होने तक पीछे हटने से इनकार किया है|

किसानों की चार में से दो मांगों- बिजली के दामों में बढ़ोतरी वापसी और पराली जलाने पर जुर्माना खत्म करने- पर जनवरी में सहमति बन गई थी लेकिन तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी की कानूनी गारंटी को लेकर बात अब भी अटकी हुई है|

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राहुल का केंद्र पर तंज "सरहद पर जान बिछाते जिनके बेटे, उनके लिए कीलें बिछाईं दिल्ली सीमा पर"
राहुल का केंद्र पर तंज "सरहद पर जान बिछाते जिनके बेटे, उनके लिए कीलें बिछाईं दिल्ली सीमा पर"