पुनर्वास केंद्रों से ठीक होने वाले व्यक्तियों को आतिथ्य क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करेगा पर्यटन विकास निगम – आर एस बाली

RS Bali आरएस बाली, Kangra News
रघुबीर सिंह बाली

शिमला।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर एस बाली ने कहा कि पर्यटन विभाग पुनर्वास केंद्रों से ठीक होने वाले व्यक्तियों को आतिथ्य क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करेगा जिसका उद्देश्य उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उनके कौशल में निखार लाना है।
आर एस बाली ने यह जानकारी गेयटी थिएटर में आयोजित प्रधाव अभियान के तहत पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान दी।

उन्होंने कहा कि इस अभियान से पुलिस का नया रूप लोगों के सामने आया है जिसके तहत पुलिस कानून व्यवस्था बनाये रखने के अतिरिक्त लोगों के साथ मिलकर उनके उत्थान के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल को इस कार्यक्रम के लिए बधाई दी और आश्वासन दिया की पर्यटन निगम हमेशा पुलिस विभाग के साथ खड़ा रहेगा।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में कार्य करते हुए जो पिछले 40 वर्षों में नहीं हुआ वो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि प्रधाव अभियान मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच का नतीजा है जिससे पर्यटन विभाग भी जुड़ा है। आर एस बाली ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार पर्यटन के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग को बढ़ावा देने, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने तथा प्रदेश की आमदनी को बढ़ने के अतिरिक्त प्रदेश को हरित राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने एक्साइज पालिसी के तहत ऐतिहासिक निर्णय लिया जिसके तहत प्रदेश को 600 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ और अगले पांच वर्षों में यह मुनाफा 3500 करोड़ रुपए का होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच से प्रदेश को 4000 करोड़ का यह मुनाफा हुआ है जो पिछले पांच वर्षों में नहीं हुआ था।

इसी प्रकार, इन्वेस्टर मीट के तहत जो प्रोजेक्ट पीछे कई वर्षों से लटके पड़े थे उन में से 45 प्रतिशत प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री द्वारा त्वरित स्वीकृति दी गई और उन्हें जल्दी शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों का जायजा प्रतिदिन लेते हैं और इन्ही प्रयासों की बदौलत जल्द हिमाचल प्रदेश देश का सबसे बेहतरीन प्रदेश बनकर उभरेगा।