कुलपति के माध्यम से सौंपा शिक्षा मंत्री को ज्ञापन

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पूजा|शिमला।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्विधालय इकाई द्वारा विश्विधालय के कुलपति के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र मे व्याप्त समस्याओं को लेकर शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। इकाई उपाध्यक्ष कमलेश ठाकुर ने जानकरी देतें हुए बताया की विद्यार्थी परिषद का मानना है कि प्रत्येक सरकार का कर्तव्य बनता है कि वो प्रदेश के छात्रों को सस्ती व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करवाए। निश्चित रूप से कोरोना महामारी की वजह से प्रदेश का शैक्षणिक क्षेत्र बहुत अधिक प्रभावित हुआ है, परंतु ऐसे समय में प्रशासन व सरकार की भूमिका जो छात्रों के प्रति रहनी चाहिए थी वह संतोषजनक नहीं है।

यदि बात करें हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की तो हम देखते हैं कि किस तरह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा आए दिन छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन प्रक्रिया पहले भी कई बार सवालों के घेरे में रही है तथा इस बार भी प्रदेश के हजारों छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पीजी कक्षाओं में अनेकों विषयों में शून्य अंक दिए गए। प्रदेश के हजारों छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन पर पेपर चेकिंग प्रक्रिया में गड़बड़ियां होने का आरोप लगा रहे हैं, परंतु प्रशासन द्वारा छात्रों को संतुष्ट करने के लिए इस ओर कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया जा रहा है।

वहीं दूसरी तरफ अगर बात करें हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की तो पिछले 11 वर्षों से यह विश्वविद्यालय राजनीति की भेंट चढ़ता आया है। चाहे भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की, सभी राजनीतिक दलों ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकने का ही काम किया परंतु आज तक केंद्रीय विश्वविद्यालय की समस्या को कोई स्थाई समाधान नहीं मिल पाया है। हिमाचल प्रदेश के बहुत सारे शिक्षण संस्थानों में शिक्षक व गैर शिक्षक के पद रिक्त पड़े हैं जिस वजह से छात्रों को जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए थी वह उससे वंचित रह जाते हैं। कोरोना महामारी की आड़ में हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों द्वारा तथा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा भी छात्रों को लूटने का भरपूर प्रयास किया गया है। ऐसे अनेकों विषयों को लेकर विद्यार्थी परिषद ने आज

ज्ञापन सौंपा मुख्त विषय इस प्रकार से है:
1) परीक्षा परिणामों में देरी व पेपर चेकिंग प्रक्रिया में गड़बड़ियों को शीघ्र दूर किया जाए।
2) केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के स्थाई परिसर का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाए।
3) प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक व गैर शिक्षक के रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए।
4) छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार छात्र संघ चुनाव शीघ्र बहाल किए जाएं।
5) फर्जी डिग्री मामले व भ्रष्टाचार में संलिप्त सभी निजी विश्वविद्यालयों पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए।
6) कोरोना काल में सभी स्कूलों में बढ़ी हुई फीसों को शीघ्र वापस लिया जाए।
यदि समय रहते इन सभी मांग को पुरा न किया गया तो विद्यार्थी परिषद आने वाले समय मे सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी और शिक्षा के क्षेत्र मे हो रही गड़बड़ियों को कदापि बर्दाश नही करेगी और छात्रों के भविष्यके साथ हो रहे खिलवाड के खिलाफ आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।