निजी स्कूलों की मनमानी व लालची नीतियों पर रोक लगाए सरकार :- अभाविप

निजी स्कूलों की मनमानी व लालची नीतियों पर रोक लगाए सरकार: अभाविप

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी पर कोई रोक ना लगा पाने वाली सरकार के इस लाचार व्यवहार के प्रति रोष प्रकट करती है। प्रदेश सह मंत्री शिल्पा कुमारी ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा मनमानी करके ट्यूशन फीस को 2200 से बढ़ाकर 3500 करना असहनीय है। अपनी मनमानियों के चलते कई निजी स्कूलों ने 65 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी फीस में कर दी है। निजी स्कूल शिक्षा के मंदिर नहीं परंतु लालची लोगों का अड्डा बनते जा रहे हैं, जहां छात्रों को केवल लूटने का काम हो रहा है।

कोरोना जब शुरुआत में चरम सीमा पर फैला, लोगों की आर्थिक स्थिति खराब होने लगी ऐसे में भी इन निजी स्कूलों ने लोगों से भारी भरकम फीस वसूल कर के उन्हें लूटने का कार्य किया है। गरीब विद्यार्थियों के लिए तो निजी स्कूल केवल एक सपना मात्र बन गए हैं।

विद्यार्थी परिषद ने निजी स्कूल फीस पर बनने वाले नए कानून का स्वागत किया था, साथ ही मांग की थी कि कुछ निजी स्कूल जो यूनिफॉर्म व पुस्तकों के नाम पर भी पैसे ऐंठने का काम करते हैं वो बंद किया जाए और विद्यार्थियों को यह छूट दी जाए कि वो जहां से भी चाहें वहां से यूनिफॉर्म व पुस्तकें ले सकें।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्राइवेट स्कूलों की इस मनमानी के सख्त खिलाफ़ है और प्रदेश सरकार से मांग करती है कि अपनी घोषणा के अनुसार जल्द से जल्द प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन एक्ट 1997 के स्थान पर नए कानून को लागू करे जो कि छात्र हित में हो।