नेरवा में लोगों ने शहीद जवान हर्ष को नम आंखों से दी श्रद्धांजलि, पार्थिव देह पहुंचते ही रो पड़ा सारा गांव

नेरवा में लोगों ने शहीद जवान हर्ष को नम आंखों से दी श्रद्धांजलि, पार्थिव देह पहुंचते ही रो पड़ा सारा गांव

शिमला|
गत रविवार रात मध्य प्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थरोच के युवा सैनिक हर्ष पोटन की पार्थिव देह दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ आज दोपहर 12 बजे नेरवा पंहुची।
पार्थिव देह के नेरवा पंहुचने से पहले ही शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए नेरवा थाना के नीचे लोगों की भीड़ एकत्रित होनी शुरू हो गई थी। नेरवा पंहुचने पर व्यापारियों और सैकड़ों स्थानीय लोगों ने शहीद की पार्थिव देह पर श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की| इस दौरान नेरवा बाजार शहीद हर्ष पोटन अमर रहे, भारत माता की जय और जब तक सूरज चांद रहेगा, हर्ष तेरा नाम रहेगा के नारों से गूंज उठा।

नेरवा में लोगों ने शहीद जवान हर्ष को नम आंखों से दी श्रद्धांजलि, पार्थिव देह पहुंचते ही रो पड़ा सारा गांव

मिली जानकारी के मुताबिक रविवार रात हर्ष के परिवार वालों को उसके एक साथी का फोन भाभी के पास आया था कि वे सब लोग बैठकर फ्रूट खा रहे थे| इसी दौरान हर्ष बाथरूम में चला गया| जब वह काफी देर तक नहीं लौटा तो दरवाजा खोलने पर उसे बेसुध पाया| अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया|

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31 दिसंबर 1993 को जन्मे हर्ष के सिर से मात्र 14 दिन की उम्र में मां की ममता छिन गई थी| तीन साल पहले पिता केवल राम पोटन ने भी संसार को त्याग दिया था| चाचा हेतराम व चाची देवकू ने हर्ष की परवरिश की| मौत के आगोश में समाने से पहले हर्ष ने भाभी संधिरा को फोन कर परिवार का कुशलक्षेम पूछा था| हाल ही में सिपाही से हवलदार के पद पर प्रमोशन हासिल हुई थी| इसके लिए उसे अब ट्रेनिंग पर भी जाना था| मिलनसार व हंसमुख स्वभाव का हर्ष जब भी गांव आता था तो हरेक से जरूर मिलता था| 10 दिन पहले ही छुट्टी से लौटकर ड्यूटी पर मध्य प्रदेश गया था|

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