प्रज्ज्वल को पद से हटाने की वजह से जुब्बल कोटखाई उपचुनाव में भाजपा को उठाना पड़ सकता है नुकसान

प्रज्ज्वल को पद से हटाने की वजह से जुब्बल कोटखाई उपचुनाव में भाजपा को उठाना पड़ सकता है नुकसान

प्रजासत्ता ब्यूरो शिमला|
हिमाचल प्रदेश भाजपा की अंदरूनी कलह ने एक बार फिर अपने ही नेताओं के लिए हालात मुश्किल कर दिए हैं। यह पहली बार नहीं है, जब पार्टी और सरकार में बैठे नेताओं के बीच तालमेल न होने से ऐसे फैसले लिए गए जिन्होंने नेताओं और पार्टी दोनों की फजीहत करा दी।

दरअसल भारत की सबसे युवा पंचायत समिति अध्यक्ष होने का गौरव प्राप्त भाजपा नेत्री प्रज्ज्वल बस्टा इस बार गुटबाजी की बलि चढ़ी है| बता दें कि बीते दिन पार्टी ने जुब्बल कोटखाई की इस नेता को प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त किया, लेकिन दूसरे गुट ने अपनी चाल चल नियुक्ति को फिलवक्त रुकवा दिया। यह ऐसे समय में हुआ जब पार्टी के लिए जुब्बल कोटखाई में उपचुनाव में दोबारा जीत हासिल करने की चुनौती है|

वहीँ इस नियुक्ति को रद्द करने को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर प्रदेश अध्यक्ष से बात करें वहीँ उनसे पूछा गया क्या नियुक्ति करने और रद्द करने को लेकर आपसे कोई राय नहीं ली गयी है तो उन्होंने यही जवाब दिया की अध्यक्ष से पूछो| वही राजनीति जानकारों का माने तो इस नियुक्ति को रद्द करने से जुब्बल कोटखाई के भाजपा कार्यकर्ताओं विरोध पनपेगा| जिसका खमयजा वहां के भाजपा के उमीदवार को भुगतना पड़ेगा|

प्रज्ज्वल को पद से हटाने की वजह से जुब्बल कोटखाई उपचुनाव में भाजपा को उठाना पड़ सकता है नुकसान
प्रज्ज्वल को पद से हटाने की वजह से जुब्बल कोटखाई उपचुनाव में भाजपा को उठाना पड़ सकता है नुकसान