4 साल कोर्ट से न्याय की गुहार लगाते 556 JOA के रिजेक्टेड अभ्यर्थियों के पक्ष में हिमाचल हाईकोर्ट का फैसला

शिमला।
1156 पोस्टों पर रिजल्ट रिवाइज करने के दिए निर्देश । अभ्यर्थियों की मांग अब नहीं होता और इंतजार , सरकार जल्द से जल्द निकाले रिवाइज रिजल्ट । जैसा कि JOA 556 की भर्ती 2016 में निकली थी । इसमें 1156 पोस्ट पर भर्ती होनी थी । 2017 में लिखित परीक्षा समाप्त होने के पश्चात टाइपिंग टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 2018 तक समाप्त हो चुकी थी और अभ्यार्थियों को फाइनल रिजल्ट का इंतजार ही था कि ये भर्ती कोर्ट में जाकर चैलेंज हो गई और आर एंड पी नियमों में अस्पष्टता के कारण 2400 अभ्यार्थियों को रिजल्ट से 1 मिनट पहले अपात्र घोषित कर बाहर कर दिया और सिर्फ 596 पोस्ट पर परिणाम घोषित कर दिया गया ।

बताना चाहेंगे इससे पहले JOA IT पोस्ट कोड 447 में भी समान आर एंड पी रूल्स पर भर्ती हुई थी और वहां पर समान डिप्लोमा डिग्री वालों को नौकरी दी गई । बाहर होने वालों में निजी संस्थानों के डिप्लोमा कोर्स वाले अभ्यार्थी एवम् उच्च शिक्षा प्राप्त अभ्यार्थी थे । दोनों ही वर्गों ने न्यायालय की राह देखी और उच्च शिक्षा वाले अभ्यार्थियों की अर्जी हिमाचल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी । लेकिन दूसरा वर्ग जो निजी संस्थानों से डिप्लोमा कोर्स किए हुए थे उनकी अर्जी उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच ने मंजूर की और रिजल्ट में उन्हें भी शामिल करने के निर्देश दिए ।

मगर सरकार ने सिंगल बेंच के आदेशों के खिलाफ फिर से हाई कोर्ट में ये कहकर अपील की कि हमने 556 की बची हुई सीट्स अगली भर्ती में डाल दी है जो 817 JOA IT के नाम से एडवर्टाइज की है लेकिन हिमाचल हाई की डबल बेंच ने फिर से उनकी अपील खारिज कर , अभ्यार्थियों के समर्थन में फैसला सुनाया और पूरे रिजल्ट को 1156 पोस्टों पर रिवाइज कर जल्द से जल्द घोषित करने के निर्देश दिए । हाई कोर्ट ने कहा कि समान आर एंड पी रूल्स पर प्रदेश में 2 तरह का रवैया नहीं अपनाया जा सकता । 4 साल बाद कोर्ट से न्याय मिलने के बाद अभ्यार्थी एवम पेटीशनर सुशील , विकास , राजीव, भीमेंदर , पंकज , जनेश की सरकार से जल्द से जल्द हाई कोर्ट के निर्देशानुसार 1156 पोस्ट पर रिजल्ट घोषित करने की मांग है । और रही बात जो पोस्ट कोड 556 में नौकरी कर रहे हैं उनमें से अच्छी मेरिट वाले अभ्यार्थी तो फिर से रिवाइज लिस्ट में आ ही जाएंगे । सिर्फ जो मेरिट में बहुत नीचे हैं उन्हें भर्ती से बाहर होने का डर है तो उनके लिए सरकार अलग से प्रावधान निकाले ।

4 साल कोर्ट से न्याय की गुहार लगाते 556 JOA के रिजेक्टेड अभ्यर्थियों के पक्ष में हिमाचल हाईकोर्ट का फैसला
4 साल कोर्ट से न्याय की गुहार लगाते 556 JOA के रिजेक्टेड अभ्यर्थियों के पक्ष में हिमाचल हाईकोर्ट का फैसला