प्रशिक्षित बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ सोलन भी आगामी पंचायती चुनाव के बहिष्कार का कर रहा है विचार

प्रजासत्ता।
कई वर्षों से सरकारी नौकरी न मिलने एवं सरकार के उपेक्षा पूर्ण रवैए की वजह से हताश एवं खफा होकर के बेरोजगार प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षक संघ सोलन भी आगामी पंचायती चुनाव का अपने अपने परिवार सहित बहिष्कार एवं अपनी डिग्री एवं डिप्लोमा को सरकार को सौंपने का विचार कर रही हैl वर्तमान प्रदेश सरकार के शारीरिक शिक्षा एवं शारीरिक शिक्षकों के प्रति उदासीन एवं उपेक्षा पूर्ण रवैया वजह से हिमाचल प्रदेश में सभी शारीरिक शिक्षक एवं कला अध्यापक ठगा सा महसूस कर रहे हैं l

इसके बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए संघ के प्रधान यतेंद्र पाल ,उप प्रधान धर्मपाल, महासचिव राजेंद्र कुमार, सह सचिव सतवीर, संघ के कोषाध्यक्ष देवेंद्र कुमार एवं सह कोषाध्यक्ष धनपाल ने बताया कि संघ के कार्यकारिणी के प्रतिनिधियों ने वर्तमान सरकार के समक्ष कई बार इस मुद्दे को बड़े जोर से उठाया परंतु अभी तक मात्र संघ को प्रदेश सरकार से मात्र आश्वासन ही मिले। व्यवहारिक रुप से इस विषय पर कोई भी उचित कदम सरकार द्वारा अभी तक नहीं उठाया गया है l इस तरह प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक हिमाचल में शारीरिक शिक्षकों के एक भी पद के सृजन के बारे में फैसला ना लेकर सरकार ने कैबिनेट में इस बारे में अधिसूचना जारी नहीं की l

जिससे प्रदेश में हजारों की संख्या में बेरोजगार प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षक सरकार के इस प्रकार के उदासीन पूर्ण रवैया से अपने को असहज एवं ठगा सा महसूस कर रहे हैं lइससे प्रदेश स्तर पर शारीरिक शिक्षकों का सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है l शारीरिक शिक्षा में 20 – 22 वर्ष पहले डिग्री डिप्लोमा किए हुए बिरोजगार आज दर- बदर रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं परंतु सरकार को अभी तक इनकी सुध नहीं है! वैसे हिमाचल प्रदेश में शारीरिक शिक्षको के सरकारी स्कूलों में हजारों पद रिक्त पड़े हैं lबार-बार सरकार शिक्षा के अधिकार का हवाला देते हुए प्रदेश में सौ से कम संख्या वाले स्कूलों की संख्या अधिक होने के कारण ना भरने का बात कर रही हैl गौरतलब है की हिमाचल प्रदेश में हजारों की संख्या में ऐसी सरकारी स्कूल है, जहां पर सौ से अधिक बच्चों की संख्या है lऐसे स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैंl बिना शारीरिक शिक्षकों के अभाव में बच्चों को शारीरिक शिक्षा से वंचित रखना कितना वाजिब है l

यह सोचनीय विषय है तब भी सरकार वहां पद नहीं भर रही है l केंद्र सरकार के फिट इंडिया, खेलो इंडिया जैसे महत्वाकांक्षी अभियान कैसे सफल होंगेl यह विषय विचाराधीन है की जहां शारीरिक शिक्षा एवं शारीरिक शिक्षकों के साथ इस प्रकार का घोर अन्याय हो रहा हो lवैसे शिक्षा विभाग समय-समय पर शिक्षकों के अन्य श्रेणियों के पदों का सृजन तो कर रहा है, परंतु पिछले कई वर्षों से कला अध्यापक एवं शारीरिक शिक्षकों के नाम मात्र के पदों का ही सृजन हुआ हैl जिससे हजारों की संख्या में बेरोजगार आज भी नौकरी की आस लगाए हुए 45 वर्ष की निर्धारित आयु पूरी कर चुके हैं l

इस तरह के वर्तमान हिमाचल सरकार के अन्याय एवं उदासीन पूर्ण रवैया से खफा हो करके एवं अपना भविष्य अंधकार में प्रतीत होते संघ भी आगामी पंचायती चुनाव का अपने अपने परिवार सहित बहिष्कार करने पर विचार कर रही हैl इसी के साथ संघ सदस्य शारीरिक शिक्षा में प्राप्त अपने अपने डिग्री और डिप्लोमा भी सरकार को सौंपने का विचार कर रही है क्योंकि जिस कोर्स की कोई भविष्य में सार्थकता एवं उपयोगिता नहीं हो तो ऐसे डिग्री डिप्लोमा अपने पास रख कर के कब तक रोजगार की आस लगाए बैठे रहेंगे lवैसे सरकार चुनावों के समय तो अपने लोक लुभावने घोषणा पत्र के माध्यम से बेरोजगारों को बड़े बड़े आश्वासन देते तो हैं परंतु चुनाव के बाद सभी दल अपने घोषणा पत्र में की गई घोषणाओं को प्राय भूल जाते हैं बेरोजगार प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षक संघ सोलन ने एक बार फिर से प्रदेश सरकार को चेताया है कि यदि पंचायती चुनाव से पहले सरकार ने शारीरिक शिक्षकों एवं कला अध्यापकों के पदों से संबंधित शीघ्र अधिसूचना जारी ना की एवं इस विषय पर उचित कदम ना उठाया तो वे आगामी प्रदेश स्तर पर पंचायती चुनाव का बहिष्कार करेंगे और अपने डिग्री डिप्लोमा सरकार को सौंप देंगे क्योंकि वर्तमान समय में सरकार के उपेक्षा पूर्ण रवैया से उनकी सार्थकता और प्रासंगिकता खत्म हो रही हैl