EMI भरते-भरते लोग जल्दी लोन क्लोज करना चाहते हैं। लेकिन एक्सपर्ट कहते हैं कि फैसला जोश में न लें। समय से पहले बंद करने से फायदा या नुकसान? पहले गणित समझें, क्योंकि चार्ज और ब्याज बचत का बैलेंस जरूरी है।

शुरुआती सालों में EMI का ज्यादा हिस्सा ब्याज जाता है, इसलिए बीच में क्लोज करने से ब्याज बचत ज्यादा। लेकिन अंतिम 6-12 महीनों में बचत कम होती है। फोरक्लोजर चार्ज लगने पर घाटा हो सकता है – नेट सेविंग्स कैलकुलेट करें।

फोरक्लोजर चार्ज 3-4% + 18% GST लग सकता है। उदाहरण: 2 लाख लोन पर 6,000 चार्ज + 1,080 GST = 7,080। अगर ब्याज बचत सिर्फ 5,000 है, तो नुकसान। हमेशा कुल खर्च vs बचत देखें। 

पूरा लोन बंद करने की बजाय आंशिक भुगतान करें। बोनस या एक्स्ट्रा पैसा मूलधन में डालें – बकाया कम होता है, भविष्य का ब्याज घटता है। क्रेडिट स्कोर भी मजबूत रहता है, क्योंकि क्रेडिट लाइन एक्टिव बनी रहती है।

पूरा लोन जल्दी बंद करने से क्रेडिट लाइन खत्म हो सकती है। लेकिन पार्शियल प्री-पे से क्रेडिट एज बनी रहती है। नियमित EMI भरने से क्रेडिट ब्यूरो अच्छा स्कोर देते हैं। आगे बड़े लोन आसानी से मिलते हैं।

आखिरी EMI के बाद भी छोटे पेंडिंग चार्ज (EMI बाउंस फीस) रह सकते हैं। बैंक से No Dues Certificate (NDC) जरूर लें। क्रेडिट रिपोर्ट अपडेट चेक करें, वरना CIBIL स्कोर गिर सकता है। 

2026 से फ्लोटिंग रेट पर्सनल लोन पर प्री-पेमेंट/फोरक्लोजर चार्ज नहीं लगेगा (RBI डायरेक्शंस)। पुराने फिक्स्ड रेट लोन पर चार्ज लागू रह सकते हैं। नए लोन में जल्दी क्लोज आसान और सस्ता होगा। 

पर्सनल लोन जल्दी बंद करने से ब्याज बचत होती है, लेकिन चार्ज और समय देखें। पार्शियल प्री-पे चुनें, नेट सेविंग्स कैलकुलेट करें, NDC लें। सही गणित और कागजी काम से कर्ज मुक्त हों, क्रेडिट स्कोर मजबूत रखें और फाइनेंशियल फ्रीडम पाएं!