Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

कैबिनेट के बाद विभाग बंटवारे में शिमला मजबूत, कांगड़ा की अनदेखी

कैबिनेट के बाद विभाग बंटवारे में शिमला मजबूत, कांगड़ा की अनदेखी?

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के नए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंत्रिमंडल विस्तार के तीन दिन बाद बुधवार, 11 जनवरी की देर शाम अपने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा (cabinet Portfolio) कर दिया।

मंत्रिमंडल के बाद विभागों के बंटवारे में भी सीएम सुक्खू ने सबसे बड़े जिला कांगड़ा को दरकिनार उसकी सियासी चीखें निकलवा दीं। कांगड़ा इतना बदनसीब रहा कि सबसे ज्यादा 15 विधानसभा क्षेत्र और जनसंख्या होने के बाबजूद भी सत्ता ने इस निचले हिमाचल को निचले गर्त में धकेल दिया। पहले तो मंत्रीमंडल में जगह ऊंट के मुंह मे जीरा के समान दी। तो वहीं विभागों के विरतण में रहती राजनीतिक और सियासी जमीन भी पैरों के नीचे से खींच लीं।

इसे भी पढ़ें:  हिमाचल की टीम ने "खेलो इंडिया विंटर गेम्स" में 31 मेडल जीत कर प्रतियोगिता में हासिल किया तीसरा स्थान

बता दें कि सुक्खू सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में कांगड़ा से 10 कांग्रेस विधायक आने के बावजूद केवल एक मंत्री चुना गया और अब विभागों के बंटवारे में भी मायूसी ही हाथ लगी है।

जिला कांगड़ा से एकमात्र मंत्री चौधरी चंद्र कुमार को कृषि और पशुपालन विभाग से ही संतोष करना पड़ा है। दूसरी तरफ 7 विधानसभा सीटों वाली शिमला से न केवल 3 मंत्री बने हैं बल्कि शिमला से मंत्री विक्रमादित्य सिंह को मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग और रोहित ठाकुर को शिक्षा विभाग जैसा बड़ा महकमा दिया है। इसके अलावा अनिरुद्ध सिंह को पंचायती राज विभाग दिया। हालांकि पिछली बीजेपी सरकार के दौरान कांगड़ा से तीन मंत्री और एक विधानसभा अध्यक्ष थे।

इसे भी पढ़ें:  इलेक्ट्रिक कार में दिल्ली से काजा पहुंचे पर्यटक

इस बार सबसे बड़े जिला कांगड़ा ने सुक्खू को सत्ता का सुख दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और 15 में से 10 सीटें कांग्रेस पार्टी के नाम कर दी।फिलहाल जनता अभी भी आस भरी नजरों से देख रही है। अगर आस टूटी तो खामियाजा बड़ा भुगतना पड़ेगा…

बता दें कि नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 68 विधानसभा सीटों में से 40 सीटों पर जीत हासिल की। इसमें कांगड़ा से 10, शिमला से 7, ऊना, सोलन और हमीरपुर से 4-4, सिरमौर से 3, चंबा और कुल्लू से 2-2 जबकि मंडी, बिलासपुर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों की एक-एक सीटें थीं।

इसे भी पढ़ें:  समाज को दिशा में देने में महिलाओं की अग्रणी भूमिका- मुख्यमंत्री

कैबिनेट में शामिल नौ मंत्रियों में से पांच शिमला संसदीय क्षेत्र से, दो हमीरपुर और एक-एक कांगड़ा और मंडी संसदीय क्षेत्र से हैं। तीन पद अभी भी खाली हैं क्योंकि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की अधिकतम संख्या 12 से अधिक नहीं हो सकती।

Aaj Ki Khabren Himachal Latest News Himachal News in Hindi Himachal Pradesh News Himachal Pradesh samachar Himachal update HP government news HP News Today

Join WhatsApp

Join Now