Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

सुप्रीम कोर्ट से शिंदे गुट को राहत, शिवसेना पर शिंदे और उद्धव दोनों का पक्ष सुनेंगे CJI

प्रतीकात्मक तस्वीर 29

सुप्रीम कोर्ट: शिवसेना के नाम और निशान पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल शिंदे गुट को राहत दी है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने बुधवार को चुनाव आयोग के फैसले पर रोक नहीं लगाई। अदालत ने उद्धव गुट की याचिका पर दोनों पक्षों से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। दोनों को दो हफ्ते में अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखना है।

शिंदे गुट ने चुनाव आयोग के सामने खुद को साबित किया

दरअसल, उद्धव गुट ने शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और निशान सौंपे जाने के खिलाफ की सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि शिंदे गुट ने चुनाव आयोग के सामने खुद को साबित किया है। फिलहाल आयोग के आदेश पर रोक नहीं लगा सकते हैं। आगे कोर्ट ने कहा कि उद्धव कैंप अभी मिले अस्थायी नाम और चुनाव निशान का इस्तेमाल जारी रख सकता है।

 

इसे भी पढ़ें:  Electric Vehicles: सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 1.3 अरब डॉलर की प्रोत्साहन योजना को दी मंजूरी

उद्धव गुट के वकील ने ऐसे दर्ज कराया विरोध 

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील कपिल सिब्बल ने अदालत में कहा कि पार्टी के कार्यालयों और बैंक खातों को शिंदे समूह द्वारा लिया जा रहा है। ऐसे में कोर्ट यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग कह रहा है कि शिवसेना का 2018 का संविधान रिकॉर्ड पर नहीं है। इसलिए विधायक दल में बहुमत के हिसाब से सुनवाई करेंगे। यह गलत है। अगर यह भी आधार हो तो विधान परिषद और राज्यसभा में हमारे पास बहुमत है। उसकी उपेक्षा की गई।

अदालत में यह दिए शिंदे के वकील ने तर्क 

कोर्ट में शिंदे गुट के वकील नीरज किशन कौल ने कहा कि हमने उद्धव की याचिका से पहले सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की थी। जिसमें कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट कोई भी फैसला देने से पहले हमारा पक्ष जरूर सुने। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुनवाई हाई कोर्ट में होनी चाहिए। इन्हें सीधे सुप्रीम कोर्ट में बात रखने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।

इसे भी पढ़ें:  अग्निपथ भर्ती स्कीम : सड़कें जाम...रेल ट्रेक पर बवाल, बिहार में 22 ट्रेन कैंसल, देखें लिस्ट

चुनाव आयोग ने दिया था बड़ा फैसला

बता दें 26 फरवरी को महाराष्ट्र विधानसभा उपचुनाव हैं। इससे पहले चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी थी। शिंदे गुट को चुनाव चिह्न ‘धनुष और तीर’ आवंटित किया था।

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
Aaj Ki Khabren breaking news today India government news India politics news latest news India national headlines top news India

Join WhatsApp

Join Now