Lucknow Coaching Center Fire: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके से सोमवार को एक बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट की इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयावह हादसे में अब तक 14 छात्रों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य स्टूडेंट्स गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आग लगने की इस घटना के बाद से पूरे इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कोचिंग संस्थान इमारत की दूसरी मंजिल पर संचालित हो रहा था। आग की लपटों को देख डर के मारे कई छात्रों ने खुद को बचाने के लिए बाथरूम में बंद कर लिया था, जो बाद में उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। वहीं, अपनी जान बचाने की जद्दोजहद में एक बच्चे ने पहली मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि इमारत के अंदर फंसे कई लोग बाहर निकलने के लिए छज्जों और भवन के अन्य हिस्सों का सहारा लेते हुए खिड़कियों पर नजर आए।

इस भयानक अग्निकांड की त्रासदी और इसमें जान गंवाने वाले मासूमों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बेहद भावुक हो गए। घटना स्थल की स्थिति की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि अब तक 13 छात्रों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया गया है। रेस्क्यू किए गए सभी छात्रों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर और अत्यंत दुखद बताया।
उपमुख्यमंत्री ने आगे जानकारी दी कि आग लगने के कारण पूरी इमारत के भीतर काफी घना धुआं भरा हुआ है, जिससे बचाव कार्य को तेजी से चलाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। दमकल कर्मियों द्वारा भवन के हर हिस्से और एक-एक कमरे की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह पूरी तरह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर अब कोई भी व्यक्ति फंसा न रह जाए। उन्होंने बताया कि इमारत में बड़ी मात्रा में लकड़ी का फर्नीचर मौजूद था, जिसके जलने से जहरीला और घना धुआं चारों तरफ फैल गया और अंदर कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दमकल विभाग की कई टीमें लगातार आग पर पूरी तरह काबू पाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के कार्य में जुटी हुई हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF) की टीम भी राहत कार्य के लिए मौके पर मौजूद है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह एक एनिमेशन प्रशिक्षण केंद्र था, जहां छात्र कार्टून और ग्राफिक्स से जुड़ी पढ़ाई करने के लिए आते थे। ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट किया कि फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है।
इस हादसे में घायल हुए छात्रों को तत्काल इलाज के लिए केजीएमयू (KGMU) ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है। हताहत हुए छात्रों की उम्र लगभग 16 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। प्रमुख सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक (DGP) को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें आग लगने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है।
इस भीषण हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया। अलीगढ़ में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ की इस हृदयविदारक घटना पर दुख जताते हुए कहा कि उन्हें अभी लखनऊ में हुए हादसे की जानकारी मिली है। आग की इस चपेट में आने से कुछ बच्चों की दुखद मृत्यु हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन मौके पर पूरी मुस्तैदी से राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना के चलते वह अपने सभी कार्यक्रम छोड़कर तुरंत लखनऊ वापस लौट रहे हैं।
















