Diwali Crackers Price Hike: दिवाली का त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, बाजारों में रौनक बढ़ने के साथ-साथ खरीदारों की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस साल त्योहारी सीजन में पटाखे खरीदना लोगों को काफी महंगा पड़ सकता है। जिससे आपकी जेब पर इसका अतिरिक्त भार पड़ेगा। उद्योग से जुड़े सूत्रों और जानकारों के मुताबिक, इस बार पटाखों की कीमतों में 30 से 50 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
जानकारों के अनुसार कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतें, पैकेजिंग का भारी खर्च और सप्लाई चेन में आ रही गंभीर परेशानियां इसके मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। ऐसे में जो लोग इस बार भव्य स्तर पर आतिशबाजी करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपना बजट काफी बढ़ाना पड़ सकता है।
पटाखे महंगे होने के मुख्य कारण
जानकारों के मुताबिक पटाखों की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी के पीछे कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक वजहें जिम्मेदार हैं। इनमें सबसे बड़ी वजह पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाले जरूरी कच्चे माल और रसायनों की लागत में हुआ इजाफा है। इसके अलावा, डिब्बों की पैकेजिंग और तैयार माल की ढुलाई पर होने वाले परिवहन खर्च में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
इन तमाम व्यावसायिक कारणों से पटाखा निर्माण करने वाली कंपनियों और फैक्टरियों की कुल उत्पादन लागत पर भारी दबाव बढ़ गया है। यदि यह खर्च इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो इसका सीधा असर खुदरा बाजारों में बिकने वाले विभिन्न प्रकार के पटाखों की कीमतों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
सप्लाई चेन में देरी का संकट
उत्पादन लागत के अलावा, सप्लाई चेन से जुड़ी परेशानियां भी पटाखों के दामों को आसमान पर पहुंचाने का काम कर रही हैं। वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग और परिवहन से जुड़ी बाधाओं के कारण पटाखा निर्माण में उपयोग होने वाली कुछ अति आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति बाधित हुई है।
समय पर कच्चा माल न मिलने और सामान पहुंचने में देरी होने के कारण निर्माताओं को उत्पादन प्रक्रिया में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारिक सूत्रों और जानकारों का अनुमान है कि केवल इन बाहरी परिस्थितियों और परिवहन समस्याओं के कारण ही पटाखे बनाने की कुल लागत में लगभग 15 प्रतिशत तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
अनार, चकरी और रॉकेट पर पड़ेगा असर
त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में अनार, चकरी, फुलझड़ियां और रॉकेट जैसे पारंपरिक पटाखों की मांग सबसे ज्यादा रहती है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह के दौरान बाजार से सामने आई शुरुआती जानकारियों के अनुसार, 10 बड़े अनार का एक पैकेट लगभग 55 रुपये और 10 स्पेशल ग्राउंड स्पिनर (चकरी) का पैकेट करीब 80 रुपये में उपलब्ध था।
वहीं दूसरी ओर, पांच दो-आवाज वाले रॉकेट की कीमत लगभग 70 रुपये दर्ज की गई थी। हालांकि, जैसे-जैसे दिवाली का दिन करीब आएगा और बाजार में मांग अचानक से अपनी चरम सीमा पर पहुंचेगी, इन शुरुआती कीमतों में भारी फेरबदल होना तय माना जा रहा है।
कितना बढ़ सकता है आपका बजट?
पटाखा उद्योग और थोक कारोबार से जुड़े सूत्रों ने इस साल कीमतों में 30 से 50 प्रतिशत तक की तेज उछाल की आशंका जताई है। हालांकि, यह आंकड़ा फिलहाल एक शुरुआती अनुमान पर आधारित है और बाजार में वास्तविक कीमतें त्योहारी मांग, उपलब्धता और अंतिम उत्पादन लागत के आधार पर ही तय होंगी।
फिर भी, इस बार दिवाली पर आतिशबाजी खरीदने की तैयारी कर रहे उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले काफी अधिक धनराशि खर्च करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना होगा। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि त्योहारी सप्ताह के दौरान खुदरा बाजार में पटाखों के दाम किस नए स्तर पर जाकर ठहरते हैं।




















