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Himachal Dhankhari Potato Price Today: हिमाचली ढाखरी आलू के दामों में उछाल से किसानों के चेहरे खिले, सीधे 45-50 रूपये तक पहुंचा भाव

Himachal Agriculture News: हिमाचल के ऊपरी क्षेत्र में गुणवत्ता और विशिष्ट स्वाद के लिए मशहूर पहाड़ी ढांखरी आलू की कीमतों में भारी इजाफा देखा जा रहा है। उत्पादन में गिरावट के कारण हरिपुरधार और नौहराधार के बाजारों में नकदी फसल की मांग तेजी से बढ़ी है।
Published on: 16 अक्टूबर 2026
Himachal Dhankhari Potato Price Today: ढांखरी आलू के दामों में उछाल से किसानों के चेहरे खिले, सीधे 45-50 रूपये तक पहुंचा भाव

Himachal Dhankhari Potato Price Today: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के ऊपरी इलाकों में उगाया जाने वाला प्रसिद्ध ढाखरी (पहाड़ी) आलू इन दिनों बाजार में जबरदस्त मांग में है। अपने अनूठे स्वाद, प्रीमियम गुणवत्ता और लंबी शेल्फ-लाइफ के लिए पहचाने जाने वाले इस आलू की कीमतों में अचानक जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि ने हिमाचल प्रदेश के ऊपरी क्षेत्र  सहित हरिपुरधार और नौहराधार क्षेत्रों के स्थानीय किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी है, जो लंबे समय से अपनी फसल के उचित दाम की प्रतीक्षा कर रहे थे।

शुरुआती सीजन के मुकाबले दोगुने हुए आलू के दाम
चालू सीजन की शुरुआत के समय सिरमौर के स्थानीय बाजारों में ढाखरी आलू ₹20 से ₹25 प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रहा था। हालांकि, बाजार में आपूर्ति घटते ही इसके दामों में तेजी का रुख देखा गया। वर्तमान में किसानों को उनकी उपज के लिए ₹40 से ₹50 प्रति किलोग्राम तक का मंडी भाव मिल रहा है। थोक दरों में आई इस तेजी का असर खुदरा बाजार पर भी पड़ा है, जहां आम उपभोक्ताओं को यही आलू ₹55 से ₹60 प्रति किलोग्राम की दर से खरीदना पड़ रहा है।

पैदावार में गिरावट बनी कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह
किसानों और थोक खरीदारों के मुताबिक आलू के दामों में आई इस हालिया तेजी के पीछे इस सीजन में हुई पैदावार में कमी को प्रमुख कारण मान रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में उत्पादन घटने से मंडियों और स्थानीय बाजारों में ढांखरी आलू की कुल उपलब्धता सीमित हो गई है।

सीमित आवक और स्थिर मांग के कारण बाजार संतुलन प्रभावित हुआ है, जिससे इसकी कीमतें सीधे दोगुनी ऊंचाई तक जा पहुंची हैं। त्यौहारी सीजन में जहां एक ओर यह तेजी उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है, वहीं दूसरी ओर उत्पादकों के लिए यह मुनाफे का सौदा साबित हो रही है।

नकदी फसल के रूप में ढाखरी आलू से जगी आर्थिक राहत की उम्मीद
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के हरिपुरधार और नौहराधार क्षेत्रों के ग्रामीण अर्थतंत्र में ढाखरी आलू एक प्रमुख नकदी फसल की भूमिका निभाता है। इस आलू की खास विशेषता यह है कि इसे बिना खराब हुए लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है, जिसके कारण व्यापारी इसे हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।

पिछले कुछ समय से लागत निकालने के लिए संघर्ष कर रहे किसानों को इस बार मूल्य वृद्धि से बड़ी आर्थिक राहत मिली है। क्षेत्र के कृषक वर्ग की निगाहें अब आने वाले दिनों में बाजार के इस सकारात्मक रुझान पर टिकी हैं, ताकि उन्हें अपनी कड़ी मेहनत और कृषि लागत का पूरा लाभ मिल सके।

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