Prajasatta Side Scroll Menu
IEC University Bahra University - Shimla Hills

CJI Suryakant Remark MJP Formation: पहले कॉकरोच,अब मक्खी की बारी; CJI सूर्यकांत के मुहावरे से बनी MJP के 72 घंटे में बने 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स

Makhi Janta Party: सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई सूर्यकांत की 'मक्खी मारने के लिए हथौड़ा' वाली टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर 'मक्खी जनता पार्टी' का उभार हुआ है, जिसे महज 72 घंटे में 40 लाख से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।
Updated By News Desk
Published on: 14 अक्टूबर 2026
CJI Suryakant Remark MJP Formation: पहले कॉकरोच,अब मक्खी की बारी; CJI सूर्यकांत के मुहावरे से बनी MJP के 72 घंटे में बने 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स

CJI Suryakant Remark MJP Formation: डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के दौर में न्यायपालिका की एक टिप्पणी किस तरह राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य का रूप ले सकती है, इसका ताजा उदाहरण देश के सामने आया है। पहले ‘कॉकरोच’ शब्द के इस्तेमाल से शुरू हुई बहस के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का गठन हुआ था, और अब मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के एक मुहावरे के बाद सोशल मीडिया पर ‘मक्खी जनता पार्टी’ (MJP) नाम का एक नया व्यंग्यात्मक संगठन तेजी से उभरकर सामने आया है।

विज्ञापन

इस नए डिजिटल संगठन ने सामने आते ही इंटरनेट पर सनसनी मचा दी है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मक्खी जनता पार्टी (MJP) ने मंगलवार को दावा किया कि उसके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट को अस्तित्व में आने के महज 72 घंटों के भीतर 40 लाख से अधिक व्यूज प्राप्त हो चुके हैं। इसके साथ ही इस प्लेटफॉर्म पर संगठन के फॉलोअर्स की संख्या 3.3 लाख से अधिक पहुंच गई है।

इंस्टाग्राम पेज पर दी गई जानकारी के मुताबिक आर्यन नाम के एक छात्र को MJP का संस्थापक अध्यक्ष बताया गया है। पेज पर जारी एक स्टोरी में यह भी उल्लेख किया गया है कि संगठन फिलहाल अपने आधिकारिक प्रवक्ता (स्पोक्सपर्सन) की तलाश कर रहा है। रिकॉर्ड से पता चलता है कि यह इंस्टाग्राम अकाउंट मूल रूप से जून 2021 में बनाया गया था और वर्तमान हैंडल ‘makhijantaparty.ig’ अपनाने से पहले इसके यूजरनेम में आठ बार बदलाव किया जा चुका था।

इस पूरे घटनाक्रम और संगठन के गठन की जड़ें सीधे तौर पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत द्वारा 9 अक्टूबर को एक सुनवाई के दौरान की गई मौखिक टिप्पणी से जुड़ी हुई हैं। शीर्ष अदालत उस दिन 10 अक्टूबर को प्रस्तावित सीजेपी  के विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को पूरी तरह से ठप्प या बंद करने के प्रशासनिक फैसले पर गंभीर सवाल उठा रही थी।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट रूप से कहा था कि सुरक्षा चिंताओं के आधार पर सार्वजनिक परिवहन को नियंत्रित या रेगुलेट करना एक बात हो सकती है, लेकिन पूरी परिवहन व्यवस्था को ही रोक देना पूरी तरह से अलग और अनुचित बात है। पीठ ने कड़े शब्दों में अधिकारियों को याद दिलाते हुए टिप्पणी की थी कि वे ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़ा का इस्तेमाल नहीं कर सकते।’

सीजेआई की इसी टिप्पणी को आधार बनाते हुए MJP ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी और लिखा कि जब सीजेआई खुद यह मान रहे हैं कि छोटी सी बात या स्थिति से निपटने के लिए इतना बड़ा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, तो अब ‘मक्खी’ भी अपनी आवाज उठाएगी और जताएगी कि वह किसी से कम नहीं है। MJP ने इस बयान के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया है कि प्रशासनिक उग्रता के खिलाफ छोटे वर्ग या आम नागरिकों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

अपनी पहुंच का विस्तार करते हुए MJP ने न केवल कॉकरोच जनता पार्टी के साथ एकजुटता दिखाने की पहल की है, बल्कि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की सदस्य नेहा बोरा के समर्थन में भी खुलकर सामने आई है। उल्लेखनीय है कि नेहा बोरा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही हैं। इंस्टाग्राम पर जारी एक आधिकारिक बयान में MJP ने नेहा बोरा की हिम्मत और पक्के इरादे की सराहना करते हुए कहा कि सत्ता से सवाल पूछना और शासन प्रणाली से जवाबदेही की मांग करना किसी भी जीवंत लोकतंत्र की अनिवार्य आवश्यकता है।

इसके साथ ही, MJP ने यह स्वीकार भी किया कि हाल ही में आयोजित विरोध प्रदर्शन अधिकारियों की आधिकारिक अनुमति के बिना आयोजित किए गए थे। संगठन ने देश के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने लोकतांत्रिक और विरोध प्रदर्शन के अधिकारों का इस्तेमाल पूरी जिम्मेदारी और कानूनी दायरे में रहकर करें। MJP की ओर से यह भी कहा गया है कि वह आपसी सहमति के आधार पर एक साझा रुख अपनाने और समन्वित कार्रवाई की संभावना तलाशने के लिए CJP के साथ निरंतर संपर्क स्थापित करने का प्रयास कर रहा है।

मंगलवार को जारी एक अन्य औपचारिक बयान में, जिस पर संगठन के संस्थापक अध्यक्ष आर्यन के हस्ताक्षर मौजूद हैं, MJP ने जंतर-मंतर पर CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में लिए जाने की घटना पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उल्लेखनीय है कि इन दोनों नेताओं को जंतर-मंतर परिसर में प्रवेश कर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था।

MJP ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि जंतर-मंतर देश में एक निर्धारित और चिह्नित विरोध स्थल है। यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को लोगों और मीडिया की नजरों से दूर दूरस्थ स्थानों पर सीमित कर दिया जाएगा, तो उनका प्रभाव और जन-जागरूकता का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। संगठन ने अपने वक्तव्य में गंभीर प्रश्न उठाते हुए पूछा कि यदि नागरिक वहां अपनी आवाज नहीं उठा सकते जहां उसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, तो किसी निर्धारित ‘प्रोटेस्ट साइट’ के अस्तित्व का क्या औचित्य रह जाता है?

MJP ने रेखांकित किया कि एक स्वस्थ लोकतंत्र को नागरिकों के साथ संवाद की आवश्यकता होती है, दूरी या दमन की नहीं। संगठन ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों, नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों और व्यापक जनभागीदारी के प्रति अपना पूर्ण समर्थन दोहराया है। MJP का यह उभार CJP के उस ऐतिहासिक सफर का ही अगला अध्याय माना जा रहा है, जिसकी शुरुआत युवाओं के एक समूह के लिए ‘कॉकरोच’ शब्द के इस्तेमाल के बाद हुई थी। जो आंदोलन शुरू में केवल एक व्यंग्यात्मक और मजाकिया जवाब के रूप में उभरा था, वह बाद में युवाओं और छात्रों के बीच राजनीतिक जवाबदेही का एक बड़ा मंच बन गया।

CJP के इसी सफर के दौरान जुलाई महीने में देश भर में कथित परीक्षा धांधलियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। अब सोशल मीडिया के परिदृश्य पर MJP के प्रवेश से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि शीर्ष अदालत के मुख्य न्यायाधीश की एक न्यायिक टिप्पणी ने इंटरनेट पर एक नए व्यंग्यात्मक आंदोलन को जन्म दे दिया है।

MJP जिस तरह से CJP जैसे पूर्व स्थापित छात्र व युवा मंचों के साथ मिलकर काम करने की रणनीति बना रहा है और जिस तेजी से इसके फॉलोअर्स तथा व्यूज में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, वह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि देश का युवा वर्ग समकालीन सामाजिक, कानूनी और राजनीतिक मुद्दों पर बेहद सक्रियता और गंभीरता से अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा रहा है।

CJI SuryakantCockroach Janta PartyJantar Mantar ProtestMakhi Janta PartySupreme Court India

Join WhatsApp

Join Now