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तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान दुर्भाग्यपूर्ण – राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद

Published on: 29 January 2021
तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान दुर्भाग्यपूर्ण - राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद

प्रजासत्ता नेशनल डेस्क|
संसद के बजट सत्र के शुरू होने के पहले दिन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में कृषि क़ानून को लेकर हो रहे प्रदर्शन, 26 जनवरी को हुई घटना और सरकार की उपलब्धियों पर विचार रखे| राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि सरकार के पारित इन कृषि क़ानूनों को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित किया है और सरकार कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान करेगी|

उन्होंने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करती है लेकिन 26 जनवरी को जो कुछ हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण था| उन्होंने पिछले दिनों दिल्ली में हुई हिंसा पर कहा- “पिछले दिनों हुआ तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है| जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देता है, वही संविधान हमें सिखाता है कि कानून और नियम का भी उतनी ही गंभीरता से पालन करना चाहिए|”

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि “मेरी सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि तीन नए कृषि क़ानून बनने से पहले, पुरानी व्यवस्थाओं के तहत जो अधिकार थे और जो सुविधाएं थीं, उनमें कहीं कोई कमी नहीं की गई है| बल्कि इन कृषि सुधारों के जरिए सरकार ने किसानों को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ नए अधिकार भी दिए हैं|”

“व्यापक विमर्श के बाद संसद ने सात महीने पूर्व तीन महत्वपूर्ण कृषि सुधार, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, कृषि (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार विधेयक, और आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक पारित किए हैं|”

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