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ISRO ने लॉन्च किए ब्रिटेन के सैटेलाइट, LVM-3 रॉकेट 36 ब्रॉडबैंड सैटेलाइट के साथ अंतरिक्ष में रवाना

ISRO

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 36 वनवेब इंटरनेट उपग्रहों को लॉन्च किया है। ISRO का यह अब तक का सबसे भारी LVM-3 रॉकेट लॉन्च है। ये रॉकेट 36 ब्रॉडबैंड सैटेलाइट के साथ लो अर्थ ऑर्बिट के लिए रवाना हुआ है। इसरो ने बताया कि 26 मार्च को ब्रिटेन के 36 सैटेलाइट एक साथ लॉन्च किए। भेजे गए सभी सैटेलाइट का कुल वजन 5805 किलोग्राम है। इस मिशन को LVM3-M3/वनवेब इंडिया-2 नाम दिया गया है।

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वनवेब के लिए ISRO की कमर्शियल यूनिट न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) का ये दूसरा मिशन रहा। नेटवर्क एक्सिस एसोसिएटेड लिमिटेड यानी वनवेब (OneWeb) UK की संचार कंपनी है। इसमें ब्रिटिश सरकार, भारत की भारती इंटरप्राइजेज, फ्रांस की यूटेलसैट, जापान का सॉफ्टबैंक, अमेरिका के ह्यूज्स नेटवर्क्स और दक्षिण कोरियाई डिफेंस कंपनी हनव्हा की हिस्सेदारी है। इसका मुख्यालय लंदन में है।

2023 में यह इसरो के लिए दूसरा लॉन्च है

इन सैटेलाइट को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में 43.5 मीटर लंबे रॉकेट से प्रोजेक्ट किया गया। 2023 में यह इसरो के लिए दूसरा लॉन्च है। LVM3-M3 वनवेब इंडिया-2 मिशन ने 36 सैटेलाइट्स के साथ श्रीहरिकोटा से उड़ान भरी है। दरअसल ब्रिटेन की कंपनी नेटवर्क एक्सेस एसोसिएट्स लिमिटेड यानी वनवेब ग्रुप ने इसरो की वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड से करार किया था, जिसके मुताबिक धरती की निचली कक्षा में 72 सैटेलाइट्स को प्रोजेक्ट करना था। इससे इंटरनेट सर्विस को फायदा मिलेगा।

ISRO का सबसे भारी रॉकेट लॉन्च

ये ISRO का सबसे भारी रॉकेट है। इसने दूसरे लॉन्चपैड से उड़ान भरी। इस लॉन्च पैड से चंद्रयान-2 मिशन समेत पांच सफल लॉन्चिंग हो चुकी हैं। LVM3 से चंद्रयान-2 मिशन समेत लगातार पांच सफल मिशन लॉन्च किए जा चुके हैं। यह इसकी छठी सफल उड़ान है। GSLV-Mk III रॉकेट की लंबाई 43.5 मीटर है। 5796 किलो के भारी पेलोड ले जाने वाला यह पहला भारतीय रॉकेट बना। यह 8000 किलो के सैटेलाइट्स का भार उठा सकता है।

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