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Rajya Sabha Elections 2026: राज्यसभा की 75 सीटों की जंग… क्या बदल जाएगा सत्ता का समीकरण?

Rajya Sabha Elections 2026: राज्यसभा की 75 सीटों की जंग... क्या बदल जाएगा सत्ता का समीकरण?

Rajya Sabha Elections 2026:अगले वर्ष, यानी 2026 में, राज्यसभा की 75 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। ऊपरी सदन की इन सीटों पर कई वरिष्ठ नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस चुनाव के बाद एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन के बीच के राजनीतिक समीकरण बदल जाएंगे।

2026 में केवल पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और असम जैसे राज्यों में ही विधानसभा चुनाव नहीं होंगे, बल्कि राज्यसभा के लिए भी एक बड़ा चुनाव होगा। फिलहाल राज्यसभा में एनडीए के पास 129 और विपक्ष के पास 78 सीटें हैं। इसलिए 2026 का यह चुनाव बहुत अहम साबित हो सकता है, क्योंकि इसका असर सदन में दोनों गठबंधनों की ताकत पर पड़ सकता है।

विभिन्न राज्यों से जुड़ी जानकारी के अनुसार, बिहार से पांच और उत्तर प्रदेश से दस राज्यसभा सीटें खाली होने वाली हैं। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और कई पूर्वोत्तर राज्यों में भी सीटें रिक्त होंगी।

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बिहार: यहाँ 9 अप्रैल 2026 को पांच सीटें खाली होंगी और चुनाव मार्च तक होने की संभावना है। जिन नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें आरजेडी के प्रेम चंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह, जदयू के हरिवंश नारायण सिंह, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। बिहार विधानसभा की वर्तमान रचना को देखते हुए अनुमान है कि भाजपा और जदयू दो-दो सीटें जीत सकते हैं, जबकि एक सीट विपक्ष के हिस्से में आ सकती है। मुकाबला काफी टाइट रहने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश: यहाँ नवंबर 2026 तक दस सीटों के लिए चुनाव होंगे। मौजूदा समय में भाजपा के पास आठ और समाजवादी पार्टी व बसपा के पास एक-एक सीट है। जिन सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, बृज लाल, सीमा द्विवेदी आदि शामिल हैं। विधानसभा में भाजपा की मजबूत स्थिति को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह आठ सीटें जीत सकती है। वहीं, समाजवादी पार्टी को दो सीटों की उम्मीद है, जबकि बसपा अपनी एक सीट गंवा सकती है।

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महाराष्ट्र: अप्रैल 2026 में यहाँ सात सीटों पर चुनाव होने हैं। शरद पवार, प्रियंका चतुर्वेदी और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले सहित कई बड़े नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद राज्य की राजनीति में आए बदलाव के कारण, शरद पवार और प्रियंका चतुर्वेदी की संसद में वापसी अनिश्चित मानी जा रही है। सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के पक्ष में ज्यादातर सीटों पर जीत का अनुमान है।

कर्नाटक: यहाँ से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जून में और पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा अप्रैल में राज्यसभा से रिटायर होंगे। कुल चार सीटों पर होने वाले चुनाव में तीन पर कांग्रेस के जीतने और एक पर विपक्ष के कब्जे की संभावना जताई जा रही है।

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राजस्थान और मध्य प्रदेश: राजस्थान से रवनीत सिंह बिट्टू का कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा है। मध्य प्रदेश से जॉर्ज कुरियन और दिग्विजय सिंह भी रिटायर होंगे, जिससे उनकी सीटें नए उम्मीदवारों के लिए खुल जाएंगी।

अन्य राज्य: झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद उनकी राज्यसभा सीट पहले ही रिक्त हो चुकी है। पश्चिम बंगाल से पाँच और तमिलनाडु से छह सांसद रिटायर होंगे। पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के भी कुछ सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। मनोनीत सदस्य और देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई का कार्यकाल मार्च 2026 में खत्म होगा। इस प्रकार, विभिन्न राज्यों से कई सांसदों का कार्यकाल पूरा होने वाला है।

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