Digital Banking Fraud: डिजिटल लेनदेन से जुड़े फ्रॉड मामलों को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अहम कदम उठाया है। RBI ने घोषणा की है कि छोटे स्तर के डिजिटल बैंकिंग फ्रॉड में नुकसान झेलने वाले ग्राहकों को अब 25,000 रुपये तक का मुआवजा मिल सकता है। यह जानकारी RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के आखिरी दिन दी।
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की 59वीं बैठक 4 से 6 फरवरी 2026 के बीच आयोजित की गई थी। इस बैठक में देश की आर्थिक स्थिति और वित्तीय हालात की समीक्षा के बाद समिति ने लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी (LAF) के तहत पॉलिसी रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला सर्वसम्मति से लिया।
ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए RBI ने छोटे-मोटे फ्रॉड ट्रांजैक्शन में हुए नुकसान की भरपाई के लिए एक नया फ्रेमवर्क लाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत पात्र मामलों में बैंक ग्राहकों को अधिकतम 25,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जा सकता है।
मॉनेटरी पॉलिसी स्टेटमेंट में गवर्नर ने यह भी बताया कि RBI डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और सुरक्षित बनाने के लिए एक डिस्कशन पेपर जारी करेगा। इसमें सीनियर सिटीजन जैसे विशेष वर्ग के यूजर्स के लिए लैग्ड क्रेडिट सिस्टम और अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन जैसे सुरक्षा उपाय शामिल हो सकते हैं।
फाइनेंशियल इंक्लूजन को मजबूत करने के लिए RBI ने लीड बैंक स्कीम, किसान क्रेडिट कार्ड योजना और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट मॉडल की समीक्षा पूरी कर ली है। इन योजनाओं को लेकर संशोधित गाइडलाइंस का ड्राफ्ट जल्द जारी किया जाएगा। इसके साथ ही लीड बैंक स्कीम के डेटा को बेहतर तरीके से संभालने के लिए एक यूनिफाइड रिपोर्टिंग पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा।
छोटे कारोबारियों को राहत देते हुए RBI ने माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) के लिए बिना गारंटी वाले लोन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। इससे छोटे व्यवसायों को आसानी से कर्ज मिलने में मदद मिलेगी।
रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बैंकों को कुछ शर्तों के साथ रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) को लोन देने की अनुमति देने की भी घोषणा की गई है।
इस फैसले पर रिसर्जेंट इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर ज्योति प्रकाश गाडिया ने कहा कि कस्टमर सर्विस, फ्रॉड मामलों में सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन में सीमित जिम्मेदारी को लेकर RBI का यह कदम ग्राहक हितैषी सोच को दिखाता है, खासकर सीनियर सिटीजन के लिए यह एक सकारात्मक पहल है।














