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DA Hike: चुनाव से पहले ममता सरकार का बड़ा दांव, DA में 4% बढ़ोतरी, बेरोजगारों को ₹1,500 की मासिक मदद

Updated By News Desk
Published on: 6 फ़रवरी 2026
DA Hike: चुनाव से पहले ममता सरकार का बड़ा दांव, DA में 4% बढ़ोतरी, बेरोजगारों को ₹1,500 की मासिक मदद

DA Hike: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Elections 2026) से पहले ममता बनर्जी सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अंतरिम बजट पेश करते हुए आम जनता को राहत देने वाले कई अहम फैसलों का ऐलान किया है। करीब ₹4.06 लाख करोड़ के इस बजट से सरकार ने साफ कर दिया है कि उसका मुख्य फोकस आम लोगों की आय, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर है। वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

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राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते यानी DA में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। लंबे समय से कर्मचारी बढ़ती महंगाई के बीच वेतन में राहत की मांग कर रहे थे। DA बढ़ने से उनकी मासिक आय में इजाफा होगा और रोजमर्रा के खर्चों को संभालना आसान होगा। माना जा रहा है कि यह कदम कर्मचारियों के बीच सरकार के प्रति भरोसा मजबूत करेगा।

इसी बीच DA को लेकर सुप्रीम कोर्ट का एक अहम आदेश भी सामने आया है। अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार को 2008 से 2019 के बीच कर्मचारियों के बकाया DA का भुगतान करने को कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि DA कर्मचारियों का कानूनी अधिकार है और सरकार को 6 मार्च तक बकाया राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा देना होगा। इस फैसले के बाद DA को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।

महिलाओं के लिए चलाई जा रही ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना को भी और मजबूत किया गया है। सरकार ने घोषणा की है कि फरवरी से इस योजना के तहत मिलने वाली मासिक राशि में ₹500 की बढ़ोतरी की जाएगी। इससे राज्य की लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा और घरेलू खर्चों में मदद मिलेगी।

युवाओं के लिए सरकार ने ‘बांग्लार युवा साथी’ नाम से नई योजना शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत 21 से 40 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता नौकरी मिलने तक या अधिकतम पांच साल तक जारी रहेगी। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहारा मिलेगा।

इसके अलावा, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹1,000 की बढ़ोतरी की घोषणा भी की गई है। स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं में अहम भूमिका निभाने वाले इन कर्मियों के लिए यह फैसला राहत भरा माना जा रहा है और इससे उनका मनोबल बढ़ने की उम्मीद है।

अप्रैल-मई में संभावित विधानसभा चुनावों से पहले पेश किए गए इस अंतरिम बजट को सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। बजट में की गई घोषणाएं साफ संकेत देती हैं कि सरकार हर वर्ग को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है।

 

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