Himachal CBSE Schools: हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए बड़ा बदलाव आ रहा है। दरअसल अब सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए उन्हें एक विशेष पात्रता परीक्षा देनी होगी। यह फैसला राज्य सरकार ने लिया है और इस परीक्षा का पूरा जिम्मा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को सौंपा गया है।
बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि यह परीक्षा इसी फरवरी महीने में आयोजित की जाएगी। परीक्षा का मुख्य लक्ष्य यह है कि केवल वही शिक्षक चुने जाएं जो पढ़ाई और विषय की जानकारी में बहुत अच्छे हों। चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और उच्च स्तर का बनाने के लिए बोर्ड ने अनुभवी विशेषज्ञों की मदद से प्रश्न-पत्रों का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है।
यह परीक्षा सभी तरह के शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगी। इसमें प्रधानाचार्य, पीजीटी, टीजीटी और जेबीटी कैडर के शिक्षक शामिल होंगे, जो सीबीएसई स्कूलों में काम करना चाहते हैं। बोर्ड जल्द ही एक विशेष कार्यशाला भी करेगा, जिसमें प्रश्न-पत्रों की रूपरेखा और अंक देने की स्कीम को अंतिम रूप दिया जाएगा।
डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि बोर्ड का मकसद एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें योग्य और मेधावी शिक्षकों को ही सीबीएसई स्कूलों में मौका मिले। इस नए नियम से चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और पूरे राज्य की शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। शिक्षकों को भी बेहतर अवसर मिलेंगे और छात्रों को अच्छी पढ़ाई मिल सकेगी।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के 130 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध करने का फैसला लिया है। इन्हें ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। शुरू में 100 स्कूलों की योजना थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 130 कर दिया गया। इन स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू होगा और शिक्षकों की भर्ती व पद सृजन की प्रक्रिया चल रही है। यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और बेहतर अवसर देने के लिए उठाया गया है।
सरकार ने इन स्कूलों के लिए 560 से ज्यादा नए पद सृजित किए हैं। शिक्षकों की भर्ती और अन्य स्टाफ के लिए करीब 5500 पदों पर प्रक्रिया चल रही है। सीबीएसई स्कूलों में पोस्टिंग के लिए शिक्षकों को विशेष पात्रता परीक्षा पास करनी होगी। सुक्खू सरकार ने यह फैसला प्रदेश की शिक्षा को मजबूत बनाने और छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई देने के लिए लिया गया है।













