HP Health Recruitment 2026: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि एक साल के भीतर हिमाचल प्रदेश मेडिकल टूरिज्म की दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके लिए अगले छह महीने के अंदर राज्य के किसी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में स्टाफ की कमी नहीं रहेगी।
सदन के अंदर बोलते हुए सीएम सुक्खू ने बताया कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की कमी को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। साथ ही, रेशनलाइजेशन का काम भी पूरा होगा, ताकि संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा को जानकारी दी कि 400 एमबीबीएस डॉक्टरों की भर्ती का काम चल रहा है। स्टाफ नर्स के कई खाली पदों को भी भरा जा रहा है। रेडियोलॉजिस्ट की कमी को दूर करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों को और मजबूत बनाया जा रहा है। असिस्टेंट प्रोफेसर के 100 पद भरे जाएंगे। ये भर्तियां हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से होंगी। उन्होंने बताया कि पहले की तरह वॉक-इन इंटरव्यू नहीं होंगे। अब सिर्फ लिखित परीक्षा के आधार पर ही चयन होगा। इससे सिफारिशों और भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
सीएम सुक्खू ने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) और टांडा मेडिकल कॉलेज के अलावा बाकी मेडिकल कॉलेजों को भी सभी जरूरी सुविधाओं के साथ चलाने के लिए सरकार पूरी कोशिश कर रही है। सीएम ने कहा कि जब जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री थे तो उनके गृह जिला नैरचौक मेडिकल कॉलेज में MRI की मशीन नहीं थी।
सीएम सुक्खू ने कहा कि हम सभी मेडिकल कॉलेज में टॉप की हेल्थ सर्विस देंगे, इसके लिए 3 हजार करोड़ के मेडिकल उपकरण खरीदेंगे। सीएम ने कहा कि IGMC और टांडा मेडिकल को छोड़कर प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों की हालत खराब है। हमारे पास वहां पर पूरी फैकेल्टी नहीं है। उन्होंने कहा कि हम पीजी की सीटें डबल करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंबा मेडिकल कॉलेज में भी पहली बार पीजी की कक्षाएं शुरू कर रहे हैं।
उन्होंने पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भर्तियों पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया था। अब हमारी सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में कमी को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सुक्खू सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद जगी है।















