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Nari Shakti Vandan Adhiniyam Amendment: लोकसभा में अब होंगी 816 सीटें, नारीशक्ति वंदन संशोधन और परिसीमन को कैबिनेट की मंजूरी

Lok Sabha Seat Increase 816: नारीशक्ति वंदन संशोधन विधेयक और परिसीमन विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट ने अपनी औपचारिक स्वीकृति दे दी है, जिससे 2029 से महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने और संसद की सदस्य संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
Nari Shakti Vandan Adhiniyam Amendment: लोकसभा में अब होंगी 816 सीटें, नारीशक्ति वंदन संशोधन और परिसीमन को कैबिनेट की मंजूरी

Nari Shakti Vandan Adhiniyam Amendment: बुधवार को हुई केन्द्रीय कैबिनेट बैठक में दो अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयकों को हरी झंडी दिखाई गई। अब मोदी सरकार की योजना आगामी 16 अप्रैल को इन्हें संसद के पटल पर रखने की है। इस संशोधन के प्रभावी होने के बाद निचली सदन यानी लोकसभा में सांसदों की कुल संख्या वर्तमान 543 से बढ़कर 816 हो जाएगी।

सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इस नई व्यवस्था यानि नारीशक्ति वंदन अधिनियम के तहत 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह परिसीमन 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा, जिससे देश के चुनावी मानचित्र में व्यापक परिवर्तन आना निश्चित है।

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2029 से लागू होगा महिला आरक्षण
इस संशोधन विधेयक का प्राथमिक उद्देश्य नारीशक्ति वंदन अधिनियम के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। इसके पारित होते ही वर्ष 2029 के आम चुनावों से ही संसद और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई महिला आरक्षण लागू करने का कानूनी रास्ता साफ हो जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एक या दो सीटों वाले छोटे राज्यों को छोड़कर, लगभग सभी राज्यों में सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि देखी जाएगी।

विपक्षी दलों ने इस कदम के समय पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का तर्क है कि चुनाव के बीच इन विधेयकों को लाना सत्तारूढ़ दल को राजनीतिक लाभ पहुंचा सकता है। साथ ही, दक्षिण भारतीय राज्यों द्वारा परिसीमन के कारण सीटों के नुकसान की आशंका भी जताई गई है।

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हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। पिछले दो दिनों में विभिन्न मंचों से संबोधन के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन प्रक्रिया निष्पक्ष होगी और दक्षिण के राज्यों के हितों का पूर्ण ध्यान रखा जाएगा।

विशेष सत्र की तैयारी
उल्लेखनीय है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बजट सत्र का सत्रावसान 2 अप्रैल को होना था, किंतु सरकार ने इसे केवल स्थगित किया था। अब रणनीति के तहत 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिनों के लिए सत्र पुनः संचालित किया जाएगा, ताकि इन ऐतिहासिक संशोधनों को कानूनी रूप दिया जा सके।

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