Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नरेंद्र गिरि की मौत की जांच CBI को सौंपी

Published on: 23 September 2021
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नरेंद्र गिरि की मौत की जांच CBI को सौंपी

प्रजासत्ता नेशनल डेस्क|
उत्तर प्रदेश सरकार ने शीर्ष धार्मिक संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख नरेंद्र गिरी की मौत की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। राज्य के गृह विभाग ने एक विज्ञप्ति में कहा, “यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की दुखद मौत से संबंधित घटना में सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) से जांच की सिफारिश की गई है।” बता दें कि अभी तक मामले में पुलिस और एसआईटी की जांच सिर्फ महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि के आसपास घूम रही है

गौरतलब है कि महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद उनके कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था जिसमें उन्होंने अपने खास शिष्य आनंद गिरि, बड़े हनुमान जी मंदिर के पुजारी आद्या गिरि और उनके बेटे संदीप गिरि को खुदकुशी के लिए मजबूर करने का दोषी बताया था और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी|

महंत नरेंद्र गिरि को जानने वाले तमाम लोग यह मानने को तैयार नहीं थे कि उन्होंने आत्महत्या की है| सबसे पहले हरिद्वार में मौजूद उनके शिष्य आनंद गिरि ने कहा कि, “मेरे गुरु ने कभी एक चिट्ठी तक नहीं लिखी| फिर वो इतने पन्नों का सुसाइड नोट कैसे लिख सकते हैं ?” आनंद गिरि ने मठ में नरेंद्र गिरी के कुछ क़रीबी लोगों पर उनकी हत्या का शक ज़ाहिर किया था|

आनंद गिरि के बाद प्रयागराज के ही रहने वाले योगी सरकार के मंत्री नंद गोपाल “नंदी” ने कहा कि ” हमलोग महंत नरेंद्र गिरि को लंबे वक्त से जानते हैं. हम लोग जब किसी वजह से निराश होते थे तो वो हमें हौसला देते थे| ऐसे किसी शख्स से आत्महत्या करने की बात हम सोच भी नहीं सकते|”

महंत नरेंद्र गिरि के कमरे से बरामद सुसाइड नोट में लिखा था कि उनका शिष्य आनंद गिरि कंप्यूटर के ज़रिए उनकी तस्वीर किसी महिला की तस्वीर के साथ जोड़ कर वायरल कर उन्हें बदनाम करना चाहता था इसलिए बदनामी की डर से वह सुसाइड कर रहे हैं|

नरेंद्र गिरि देश के 13 अखाड़ों के अध्यक्ष थे और बड़े संत भी. उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री योगी तक से अच्छे संबंध थे| लोगों को इस बात पर हैरत है कि उन्होंने अपने साथ होने वाली साज़िश की शिकायत किसी से करने के बजाए खुदकुशी क्यों कर ली?

यहाँ बता दें कि राज्य पुलिस ने घटना की जांच के लिए 18 सदस्यीय विशेष जांच दल का भी गठन किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था कि कई सबूत एकत्र किए गए हैं और अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

विपक्षी कांग्रेस ने इस घटना को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की थी और सीबीआई जांच की मांग की थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी ने कल राज्य पार्टी प्रमुख अजय कुमार लल्लू के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “तथ्यों को दबाने का अपराध” किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Aaj Ki Khabrenbreaking news todayIndia government newsIndia politics newslatest news Indianational headlinestop news India

Join WhatsApp

Join Now