Chandigarh Encounter News: चंडीगढ़ में बुधवार सुबह का समय उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब शहर के एक इलाके में पुलिस और एक कुख्यात गैंगस्टर का आमना-सामना हो गया। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब चंडीगढ़ पुलिस की विशेष ऑपरेशन टीम अपने नियमित गश्त और निगरानी पर थी। अचानक हुई इस मुठभेड़ से स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया।
पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन टीम को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि हरियाणा का एक गैंगस्टर शहर में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में दाखिल हुआ है। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर रखी थी। जैसे ही गैंगस्टर ने खुद को पुलिस से घिरा पाया, उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
आत्मरक्षा में और जवाबी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने भी गैंगस्टर पर गोलियां चलाईं। दोनों पक्षों के बीच करीब पांच राउंड फायरिंग हुई, जिससे पूरा इलाका गोलियों की आवाज से गूंज उठा। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के चलते आरोपी को बच निकलने का मौका नहीं मिला और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान मुकेश उर्फ गोलू के रूप में की गई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मुकेश हरियाणा के गोहाना का रहने वाला है। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल की गहन तलाशी ली, जहां से पांच खाली कारतूस बरामद किए गए हैं। इन साक्ष्यों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
गिरफ्तारी के बाद चंडीगढ़ पुलिस अब मुकेश उर्फ गोलू से कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसका अगला निशाना कौन था और वह चंडीगढ़ में किस प्रकार की बड़ी साजिश को अंजाम देने की योजना बना रहा था। इसके अलावा, उसके अन्य आपराधिक नेटवर्क और साथियों की तलाश में भी पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
ऑपरेशन सेल के डीएसपी विकास श्योकंद ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुकेश उर्फ गोलू गोहाना के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरियाणा के गोहाना का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, मुकेश शहर में हथियारों की तस्करी का मुख्य आरोपी है और लंबे समय से पुलिस की वांछित सूची में था।
घटनाक्रम के अनुसार, ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि वांछित अपराधी मुकेश शहर में हथियारों की खेप सप्लाई करने आ रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट के पास नाकाबंदी कर दी थी। जैसे ही आरोपी वहां पहुंचा और उसने पुलिस टीम को देखा, उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
मुठभेड़ के दौरान आरोपी मुकेश ने पुलिस पार्टी पर तीन राउंड गोलियां चलाईं। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी पुलिसकर्मी को कोई चोट नहीं आई। आत्मरक्षा और जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक गोली मुकेश के पैर में जा लगी। गोली लगते ही आरोपी सड़क पर गिर गया और उसे तुरंत काबू कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मुकेश को चंडीगढ़ जिला अदालत ने साल 2021 के मलोया फायरिंग मामले में भगोड़ा घोषित कर रखा था। वह पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक, उसका भाई सनी गोहाना भी पहले से ही आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास के मामलों में हरियाणा की झज्जर जेल में बंद है।
घटनास्थल से पुलिस ने एक अत्याधुनिक पिस्टल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि मुकेश चंडीगढ़ में अवैध हथियारों की आपूर्ति का सबसे बड़ा नेटवर्क चला रहा था। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह ये हथियार कहां से ला रहा था और किसे सप्लाई करने वाला था।
















