Shimla Fire News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कच्ची घाटी क्षेत्र में बुधवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब यहां स्थित हीरो होंडा के बाइक और स्कूटी शोरूम में अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में शोरूम के भीतर रखे दर्जनों दोपहिया वाहन जलकर पूरी तरह राख हो गए। गनीमत यह रही कि अग्निशमन विभाग की टीम ने समय रहते मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला, जिससे आग को रिहायशी इलाके और भवन की अन्य मंजिलों तक फैलने से रोक दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालूगंज स्थित अग्निशमन केंद्र को सुबह करीब 9:31 बजे शोरूम में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें तुरंत वाहनों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। जब तक मदद पहुंचती, आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी और शोरूम के भीतर से काले धुएं का गुबार निकलने लगा था। इस घटना के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात भी पूरी तरह प्रभावित रहा और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल देखा गया।
नुकसान के आंकड़ों पर गौर करें तो इस हादसे में कुल 32 दोपहिया वाहन और एक कार आग की चपेट में आए हैं। विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक, शोरूम में बिक्री के लिए रखी गई 11 नई स्कूटी और 15 मोटरसाइकिलें पूरी तरह जल गई हैं। इसके अलावा, सर्विसिंग और रिपेयरिंग के लिए आई 3 अन्य बाइक और 3 स्कूटी भी आग की भेंट चढ़ गईं। शोरूम मालिक की निजी कार को भी इस अग्निकांड में भारी क्षति पहुंची है। प्रारंभिक अनुमान के तहत शोरूम मालिक को करीब 50 लाख रुपये से अधिक का वित्तीय नुकसान हुआ है।
अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को आग पर पूर्ण नियंत्रण पाने में करीब दो घंटे का समय लगा। दमकल कर्मियों ने पानी की बौछारों के साथ निरंतर मशक्कत की, ताकि आग भवन के ऊपरी हिस्सों को अपनी चपेट में न ले सके। अधिकारियों ने बताया कि यदि आग ऊपर की मंजिलों तक पहुंच जाती, तो नुकसान का यह आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता था। अग्निशमन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की बदौलत करीब 5 करोड़ रुपये की संपत्ति को सुरक्षित बचा लिया गया।
हादसे के दौरान पूरे कच्ची घाटी क्षेत्र में धुएं का गुबार छा गया था। फिलहाल, आग लगने के स्पष्ट कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस और अग्निशमन विभाग की तकनीकी टीमें घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटा रही हैं। हालांकि, प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। प्रशासन नुकसान का विस्तृत आकलन करने में जुटा है ताकि प्रभावित पक्ष को नियमानुसार सहायता सुनिश्चित की जा सके।
















